चम्पावत: माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा की गई जनहितैषी घोषणाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने तथा राज्य में चल रहे विकास परियोजनाओं में गुणवत्ता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन निरंतर सक्रिय है। इसी क्रम में, जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार विभिन्न विकास कार्यों का नियमित रूप से स्थलीय निरीक्षण कर रहे हैं, ताकि योजनाओं को धरातल पर समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से उतारा जा सके। यह सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है कि सार्वजनिक संसाधनों का सदुपयोग हो और विकास कार्यों से जनता को अधिकतम लाभ प्राप्त हो।
इसी निरीक्षण अभियान की कड़ी में, जिलाधिकारी ने टनकपुर क्षेत्र के नायकगोठ में निर्माणाधीन पंचमुखी गौशाला का गहन दौरा किया और उसकी प्रगति का जायजा लिया। यह महत्वपूर्ण परियोजना लगभग ₹146.86 लाख की अनुमानित लागत से नगर पालिका परिषद, टनकपुर द्वारा क्रियान्वित की जा रही है। गौशाला के निर्माण का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में निराश्रित पशुओं को आश्रय प्रदान करना तथा उनके उचित भरण-पोषण और देखभाल की व्यवस्था सुनिश्चित करना है। जिलाधिकारी ने निर्माण स्थल पर पहुँचकर परियोजना के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत समीक्षा की, जिसमें यह सुनिश्चित किया गया कि निर्माण कार्य निर्धारित योजना और तकनीकी विशिष्टताओं के अनुरूप हो।
अपने निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने विशेष रूप से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक जाँच की कि निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री उच्च गुणवत्ता वाली है और संबंधित मानकों को पूरा करती है। इसके अतिरिक्त, निर्माण सामग्री के उपयोग की प्रक्रिया की भी जाँच की गई ताकि किसी भी प्रकार की कमी या अनियमितता को रोका जा सके। जिलाधिकारी ने निर्माण स्थल पर उपस्थित श्रमिकों की संख्या और उनकी कार्यप्रणाली का भी अवलोकन किया, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि पर्याप्त जनशक्ति कार्यरत है और कार्य में अपेक्षित गति बनी हुई है। उन्होंने परियोजना की समग्र प्रगति स्थिति का मूल्यांकन किया, और वर्तमान कार्य चरण की तुलना निर्धारित समय-सारणी से की।
इस विस्तृत समीक्षा के उपरांत, जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने मौके पर उपस्थित संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट एवं कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने जोर देकर कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी स्तर पर किसी भी प्रकार की ढिलाई, कोताही या लापरवाही बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि निर्माण कार्य में उच्चतम गुणवत्ता मानकों का हर हाल में पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि परियोजना की दीर्घायु और उपयोगिता बनी रहे। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि पंचमुखी गौशाला का समस्त निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर ही पूर्ण कर लिया जाए, ताकि परियोजना का लाभ जल्द से जल्द आम जनता और पशुधन को मिलना शुरू हो सके। इन निर्देशों का उद्देश्य परियोजना के सफल और कुशल निष्पादन को सुनिश्चित करना था।
निरीक्षण के इस महत्वपूर्ण अवसर पर जिलाधिकारी के साथ कई अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। इनमें विधायक प्रतिनिधि श्री दीपक रजवार और अधिशासी अधिकारी श्री ऋषभ उनियाल प्रमुख रूप से शामिल थे। इन सभी गणमान्य व्यक्तियों ने जिलाधिकारी के साथ मिलकर निर्माण कार्य का अवलोकन किया और उनके निर्देशों को सुना। यह उपस्थिति परियोजना के प्रति स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की गंभीरता को दर्शाती है, जिसका सीधा प्रभाव क्षेत्र के विकास और जन कल्याण पर पड़ता है।
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