बागेश्वर। जनपद में सरकारी योजनाओं और निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए प्रशासन ने सक्रियता बढ़ा दी है। मुख्य विकास अधिकारी आर सी तिवारी ने बागेश्वर से गरुड़ तक के विस्तृत क्षेत्र का भ्रमण कर सिंचाई, लघु सिंचाई और ग्रामीण निर्माण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि धरातल पर हो रहे काम मानकों के अनुरूप हों और आम जनता को इनका लाभ समय पर मिल सके। अधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी लंबित और प्रगतिरत कार्यों को निर्धारित समयावधि के भीतर पूर्ण करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
निरीक्षण का पूरा घटनाक्रम और पृष्ठभूमि
जनपद बागेश्वर के विकास खंड गरुड़ और बागेश्वर तहसील के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं। इन योजनाओं का सीधा संबंध ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जल संचयन और सार्वजनिक सुविधाओं से है। मुख्य विकास अधिकारी आर सी तिवारी ने बुधवार को अपने निरीक्षण अभियान की शुरुआत लघु सिंचाई विभाग की योजनाओं से की। उन्होंने वर्ष 2024-25 के दौरान निर्मित हो रहे चेकडैमों का जायजा लिया।
इस दौरान उन्होंने खोली, सेल्टा और कमेडी चीर गधेरा में चेकडैम निर्माण कार्यों को देखा। चेकडैम का मुख्य उद्देश्य वर्षा जल का संचयन करना और भूजल स्तर को सुधारना है, जिससे स्थानीय किसानों को सिंचाई में मदद मिल सके। अधिकारी ने मौके पर जाकर कंक्रीट की गुणवत्ता और पत्थरों की पिंचिंग का बारीकी से अवलोकन किया। इसके बाद टीम ग्रामीण निर्माण विभाग (आरडब्ल्यूडी) के कार्यों की समीक्षा करने पहुंची।
शिक्षा और बुनियादी ढांचे पर जोर
ग्रामीण निर्माण विभाग के अंतर्गत चल रहे कार्यों में शिक्षा और कौशल विकास से जुड़ी इमारतों पर विशेष ध्यान दिया गया। राजकीय इंटर कॉलेज रवाईखाल में अतिरिक्त कक्षों के मरम्मत कार्य का निरीक्षण करते हुए आर सी तिवारी ने कहा कि छात्रों को बैठने के लिए सुरक्षित और बेहतर वातावरण मिलना प्राथमिकता होनी चाहिए। वहीं, आई.टी.आई. कमेडी में प्रशासनिक भवन के मरम्मत कार्य की धीमी प्रगति पर उन्होंने असंतोष व्यक्त किया और काम में तेजी लाने को कहा। क्षेत्र में आवागमन और आपातकालीन सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण हेलीपैड निर्माण कार्यों का भी जायजा लिया गया, जहाँ काम अंतिम चरण में पाया गया।
सिंचाई और नदी सुरक्षा कार्यों की समीक्षा
सिंचाई विभाग के अंतर्गत जिला योजना और आपदा न्यूनीकरण मद से चल रहे कार्यों को भी बारीकी से परखा गया। ग्राम थकलाड-बमराड़ी में शिव मंदिर के पास बन रहे घाट और खोली स्थित गोपेश्वर मंदिर के पास नदी किनारे हो रहे सुरक्षात्मक कार्यों का निरीक्षण किया गया। ये कार्य धार्मिक पर्यटन और नदी तट के कटाव को रोकने की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।
इसके अतिरिक्त, द्यांगण नहर और मन्यूड़ा नहर के जीर्णोद्धार कार्यों की स्थिति देखी गई। नहरों की मरम्मत सीधे तौर पर खेती से जुड़ी है, इसलिए अधिकारी ने इंजीनियरों को निर्देश दिए कि सिंचाई सीजन से पहले पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। पंचगड़ी गधेरे में आवासीय भवनों की सुरक्षा के लिए चल रहे कार्यों और बैजनाथ में कालिका मंदिर के समीप सुरक्षा दीवार के निर्माण को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
कारण और परिस्थितियाँ
पहाड़ी क्षेत्रों में मानसून के दौरान होने वाले भूस्खलन और नदी के कटाव से सरकारी संपत्तियों और निजी आवासों को भारी नुकसान होता है। आपदा न्यूनीकरण मद और जिला योजना के तहत सरकार द्वारा बजट जारी किया गया था ताकि मानसून से पहले सुरक्षा दीवारें और नहरों की मरम्मत हो सके। मुख्य विकास अधिकारी का यह निरीक्षण इसी क्रम में था कि बजट का सही उपयोग हो रहा है या नहीं। कई स्थानों पर कार्य की गति धीमी पाई गई, जिसके पीछे तकनीकी बाधाएं और भौगोलिक परिस्थितियां बताई गईं, जिन्हें दूर करने के निर्देश दिए गए।
जनता और पाठकों पर प्रभाव
इस निरीक्षण का सीधा प्रभाव उन सैकड़ों ग्रामीणों पर पड़ेगा जो सिंचाई के लिए गधेरों और नहरों पर निर्भर हैं। चेकडैम बनने से न केवल पानी की समस्या दूर होगी, बल्कि भविष्य में खेती के रकबे में भी बढ़ोतरी होने की संभावना है। स्कूलों और आईटीआई भवनों के सुधारीकरण से स्थानीय युवाओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। घाट निर्माण और सुरक्षा दीवारों से मंदिरों के साथ-साथ नदी किनारे रहने वाली आबादी को भी सुरक्षा का अहसास होगा।
आगे क्या बदलेगा?
सीडीए के कड़े रुख के बाद अब विभागों में जवाबदेही बढ़ेगी। निरीक्षण के दौरान आर सी तिवारी ने स्पष्ट किया कि वे समय-समय पर कार्यों की रैंडम चेकिंग करते रहेंगे। यदि किसी भी कार्य में घटिया सामग्री का उपयोग पाया गया, तो संबंधित ठेकेदार और निगरानी कर रहे इंजीनियर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इससे आने वाले समय में जिले में चल रहे निर्माण कार्यों की पारदर्शिता और गुणवत्ता में सुधार आने की उम्मीद है।
आम आदमी को क्या फायदा या असर?
आम नागरिक के लिए सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि सरकारी धन का सही जगह इस्तेमाल सुनिश्चित हो रहा है। रवाईखाल जैसे दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अब बेहतर कमरों में पढ़ने का मौका मिलेगा। किसान, जो नहरों के टूटने से परेशान थे, उन्हें समय पर पानी मिलेगा। साथ ही, बैजनाथ और अन्य धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा दीवारें बनने से स्थानीय पर्यटन को भी मजबूती मिलेगी और आपदा का खतरा कम होगा।
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