April 18, 2026

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लोहाघाट को मिली बड़ी सौगात: ₹84.45 करोड़ की पेयजल योजना से हर घर तक पहुंचेगा शुद्ध जल

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चम्पावत – जनपद चम्पावत के लोहाघाट नगर के लिए पेयजल व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने AMRUT 2.0 योजना के अंतर्गत लोहाघाट टाउन पम्पिंग वाटर सप्लाई स्कीम को ₹84.45 करोड़ की लागत से स्वीकृति प्रदान की है। यह परियोजना नगर की पेयजल समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

लोहाघाट नगर की वर्तमान पेयजल आपूर्ति व्यवस्था वर्ष 1980 में निर्मित प्रणाली पर आधारित है, जो अब लगभग 44 वर्ष पुरानी हो चुकी है। समय के साथ बढ़ती आबादी और बुनियादी ढांचे की जर्जर स्थिति के कारण जलापूर्ति में लगातार समस्याएं आ रही थीं। पाइपलाइनों में लीकेज, बार-बार ब्लॉकेज और कम वहन क्षमता के कारण लगभग 14,561 की आबादी को पर्याप्त और नियमित पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा था। गर्मियों के मौसम में स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाती थी।

इन सभी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने एक आधुनिक, तकनीकी रूप से उन्नत और दीर्घकालिक समाधान तैयार किया है। नई योजना के तहत सरयू नदी से जल उठान कर पम्पिंग प्रणाली के माध्यम से नगर के विभिन्न हिस्सों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाया जाएगा। यह योजना आधुनिक इन्फिल्ट्रेशन वेल तकनीक पर आधारित होगी, जिससे पानी की गुणवत्ता और आपूर्ति दोनों में सुधार सुनिश्चित किया जा सकेगा।

परियोजना को चार चरणों में विकसित किया जाएगा। पहले चरण में सरयू नदी से तल्ली बेट्टा (IPS-1) तक लगभग 2,700 मीटर लंबी राइजिंग मेन लाइन का निर्माण किया जाएगा। दूसरे चरण में IPS-1 से मल्ली बेट्टा (IPS-2) तक 2,874 मीटर की लाइन बिछाई जाएगी। तीसरे चरण में IPS-2 से छांदा (IPS-3) तक 4,924 मीटर की पाइपलाइन स्थापित की जाएगी। चौथे और अंतिम चरण में IPS-3 से मरोड़ा खान स्थित टॉप रिजर्वायर तक 5,664 मीटर लंबी राइजिंग मेन का निर्माण किया जाएगा। इस प्रकार पूरे नगर को चरणबद्ध तरीके से जोड़ा जाएगा।

योजना के अंतर्गत क्लियर वाटर रिजर्वायर का निर्माण, अत्याधुनिक पम्पिंग सिस्टम की स्थापना तथा घर-घर AMRUT जल मीटर के साथ कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे। जल मीटरिंग प्रणाली से जल उपयोग का बेहतर प्रबंधन संभव होगा और अनावश्यक जल अपव्यय पर भी नियंत्रण लगेगा। साथ ही, यह व्यवस्था पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने में भी सहायक सिद्ध होगी।

इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद लोहाघाट नगर को मांग के अनुरूप नियमित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सकेगा। नागरिकों को पुरानी और जर्जर व्यवस्था से राहत मिलेगी तथा बार-बार होने वाली जल संकट की समस्या समाप्त होने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, नगर के विकास, जनस्वास्थ्य और भविष्य की बढ़ती आबादी की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए यह योजना दीर्घकालिक लाभ प्रदान करेगी।

पेयजल की बेहतर उपलब्धता से न केवल घरेलू जीवन सुगम होगा, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों, शिक्षा संस्थानों और स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी। स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता जनस्वास्थ्य सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और जलजनित बीमारियों की रोकथाम में सहायक होती है। इस दृष्टि से यह परियोजना सामाजिक और आर्थिक विकास का भी आधार बनेगी।

राज्य सरकार का उद्देश्य पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों में भी आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करना है, ताकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच विकास का अंतर कम किया जा सके। लोहाघाट जैसी पर्वतीय नगरी में इस प्रकार की आधुनिक पेयजल योजना का क्रियान्वयन क्षेत्रीय संतुलित विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

स्थानीय नागरिकों ने इस स्वीकृति का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि योजना का कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा और गुणवत्ता मानकों का पूर्ण पालन होगा। यदि योजना निर्धारित समय सीमा में पूर्ण होती है, तो यह आने वाले कई दशकों तक लोहाघाट की पेयजल आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम होगी।

समग्र रूप से देखा जाए तो ₹84.45 करोड़ की यह पेयजल योजना लोहाघाट के लिए एक ऐतिहासिक पहल है, जो नगर को स्थायी, विश्वसनीय और आधुनिक जल आपूर्ति प्रणाली प्रदान करेगी। इससे न केवल वर्तमान समस्याओं का समाधान होगा, बल्कि भविष्य की आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखते हुए एक सुदृढ़ आधारभूत ढांचा तैयार होगा।