April 18, 2026

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बागेश्वर में मेडिकल स्टोर्स पर बड़ी कार्रवाई: दो की दवा बिक्री पर रोक, एक लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति

बागेश्वर: जिलाधिकारी आकांक्षा कोंड़े के निर्देशों का पालन करते हुए, जनस्वास्थ्य के संरक्षण तथा औषधियों की गुणवत्ता, सुरक्षा एवं प्रभावकारिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बागेश्वर औषधि निरीक्षक पूजा रानी द्वारा सघन औचक निरीक्षण किए गए। ये निरीक्षण बैजनाथ, गागरीगोल और मन्यूडा क्षेत्र में स्थित औषधि विक्रय प्रतिष्ठानों पर केंद्रित रहे।

निरीक्षण के दौरान, औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम, 1940 तथा नियमावली, 1945 के प्रावधानों का विस्तृत परीक्षण किया गया। इसमें लाइसेंस शर्तों के अनुपालन, औषधियों के वैज्ञानिक भंडारण तरीकों, आपूर्ति एवं वितरण प्रणाली के साथ-साथ अभिलेख प्रबंधन का तकनीकी सत्यापन भी शामिल था।

निरीक्षण के दौरान दो औषधि विक्रय प्रतिष्ठानों में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। इनमें सीसीटीवी प्रणाली का निष्क्रिय पाया जाना, पंजीकृत फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में दवाओं का क्रय-विक्रय करना, एक्सपायर्ड दवाओं का अनुचित तरीके से भंडारण, क्रय-विक्रय से संबंधित अभिलेखों का मौके पर सत्यापन न हो पाना, दवाओं का निर्धारित तापमान पर भंडारण न करना तथा परिसर में साफ-सफाई का अभाव मुख्य रूप से शामिल थे।

ये अनियमितताएं लाइसेंस की शर्तों के उल्लंघन और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुपालन में गंभीर कमियों को दर्शाती हैं। भंडारण एवं वितरण में गुणवत्ता आश्वासन मानकों की उपेक्षा को देखते हुए, जनस्वास्थ्य के हित में जोखिम कम करने के लिए संबंधित दोनों प्रतिष्ठानों पर तत्काल प्रभाव से औषधियों के क्रय-विक्रय पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

यह प्रतिबंध तब तक लागू रहेगा, जब तक संबंधित फर्म स्वामी सक्षम प्राधिकारी के समक्ष संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं करते और पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित नहीं करते।

इसके अतिरिक्त, निरीक्षण के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई भी प्रस्तावित की गई है। एक प्रतिष्ठान में पाई गई अत्यंत गंभीर एवं प्रणालीगत अनियमितताओं के कारण उसके लाइसेंस के निरस्तीकरण की संस्तुति की गई है। वहीं, एक अन्य प्रतिष्ठान में महत्वपूर्ण अनुपालन विचलनों के कारण उसके लाइसेंस को निलंबित करने की संस्तुति की गई है।

औषधि विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि औषधियों के विनिर्माण, भंडारण, वितरण और विक्रय में निर्धारित वैज्ञानिक एवं विनियामक मानकों का अनुपालन अनिवार्य है। किसी भी प्रकार की लापरवाही या इन मानकों के उल्लंघन की स्थिति में जनस्वास्थ्य की सर्वोच्च सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।