चम्पावत – जनपद के स्वाला क्षेत्र में रहने वाले 86 वर्षीय टीकाराम भट्ट आज भी पारंपरिक काष्ठ शिल्प की समृद्ध विरासत को जीवंत रूप में आगे बढ़ा रहे हैं। लकड़ी पर सूक्ष्म कारीगरी और कलात्मक नक्काशी के लिए पहचाने जाने वाले भट्ट बीते लगभग सात दशकों से इस कला में निरंतर सक्रिय हैं।
पोस्टमास्टर के पद से सेवानिवृत्त होने के बावजूद उनका रुझान और समर्पण काष्ठ शिल्प के प्रति कम नहीं हुआ। वे अब तक लकड़ी से अनेक देवी-देवताओं की आकर्षक और भावपूर्ण मूर्तियाँ तैयार कर चुके हैं, जिनमें उनकी अनुभवजन्य दक्षता साफ झलकती है।
हाल ही में टीकाराम भट्ट ने लकड़ी से निर्मित भगवान शिव की एक सुंदर प्रतिमा जिलाधिकारी चम्पावत मनीष कुमार को भेंट की। जिलाधिकारी ने उनकी कला-साधना, अनुशासन और उम्र के इस पड़ाव पर भी निरंतर सक्रियता की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणास्पद बताया।
भट्ट का कहना है कि जो भी व्यक्ति लकड़ी की मूर्तियाँ या अन्य काष्ठ शिल्प कार्य बनवाना चाहता है, वह सीधे उनसे मोबाइल नंबर 9456394027 पर संपर्क कर सकता है।
टीकाराम भट्ट जैसे अनुभवी शिल्पकार हमारी लोक-संस्कृति और पारंपरिक कलाओं के सच्चे संरक्षक हैं, जिनका जीवन आने वाली पीढ़ियों को हुनर, धैर्य और समर्पण की सीख देता है।
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