नैनीताल

नैनीताल: राजकीय स्नातकोत्तर महिला वाणिज्य महाविद्यालय हल्द्वानी में प्राचार्य प्रोफेसर आभा शर्मा को भावभीनी विदाई

गीता जोशी (संपादक)प्रकाशित: 31 अगस्त 2026 | 07:11 PM60

नैनीताल: राजकीय स्नातकोत्तर महिला वाणिज्य महाविद्यालय हल्द्वानी में प्राचार्य प्रोफेसर आभा शर्मा को भावभीनी विदाई

हल्द्वानी, राजकीय स्नातकोत्तर महिला वाणिज्य महाविद्यालय, हल्द्वानी में प्राचार्य प्रोफेसर आभा शर्मा को उनकी सेवानिवृत्ति के अवसर पर एक भावभीनी विदाई दी गई। कार्यक्रम का शुभारंभ मां शारदा की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया।

सुखद और गौरवशाली कार्यकाल

इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार, प्राचार्य डॉ. आभा शर्मा के परिजन, और अन्य महाविद्यालयों से पधारे प्राध्यापकों तथा छात्र-छात्राओं ने प्रोफेसर आभा शर्मा के कार्यकाल को अत्यंत सुखद और गौरवशाली बताया। वक्ताओं ने कहा कि प्राचार्य आभा शर्मा जी को एक सिद्धांतवादी, सहृदय और ईमानदार प्राचार्य के रूप में सदैव याद किया जाएगा। लोगों ने उनके कार्य व्यवहार की विस्तृत प्रशंसा की।

मार्गदर्शन और व्यवहार की सराहना

महाविद्यालय की वरिष्ठ प्राध्यापक प्रोफेसर देवकी गिरी गोस्वामी ने कहा कि डॉ. शर्मा द्वारा दिखाए गए मार्ग का अनुसरण करना सभी के जीवन में सुख और शांति लाएगा। वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. माया शुक्ला ने उल्लेख किया कि प्राचार्य आभा शर्मा ने संपूर्ण स्टाफ और छात्राओं के मध्य एक सटीक अनुशासन और सद्व्यवहार की स्थापना की थी। उन्होंने यह भी बताया कि प्राचार्य के उदार स्वभाव के कारण सभी कार्य सुचारू रूप से संपादित हो जाते थे।

अनुशासन और नियमबद्धता

प्राचार्य को सम्मान पत्र भेंट करते हुए डॉ. नरेंद्र कुमार जोशी ने कहा कि प्राचार्य आभा शर्मा जी ने अनुशासित और नियमबद्ध तरीके से अपना कार्यकाल पूरा किया, जिसके लिए वे बधाई की पात्र हैं। प्राचार्य जी के बड़े भाई, पूर्व निदेशक प्रोफेसर बी.सी. मेलकानी ने कहा कि उनकी बहन ने जीवन में अथक परिश्रम कर अपने कार्यकाल को सम्मानजनक ढंग से पूर्ण किया।

संस्मरण और उपहार

प्राचार्य मैडम के पति डॉक्टर शर्मा और उनकी बेटी महक ने उनके जीवन के कई रोचक संस्मरण सुनाए। इस अवसर पर महाविद्यालय से स्थानांतरित हुए डॉ. गीता पंत, डॉ. सरस्वती बिष्ट, डॉ. प्रदीप पांडे, डॉ. रेखा जोशी ने भी मैडम के कार्यों की भूरि-भूरि प्रशंसा की और उन्हें उपहार भेंट किए। देवकी गिरी जी ने तुलसी का पौधा और भगवद गीता भेंट की, जबकि सरस्वती बिष्ट ने पौधे उपहार में दिए। शोध छात्राओं ने स्मृति चिन्ह और पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया। स्टाफ क्लब ने भी प्राचार्य जी को कई आकर्षक उपहार भेंट किए।

स्वर्णिम युग और वात्सल्य

वरिष्ठ प्राध्यापक रश्मि पंत, डॉ. नेहा सिंह, डॉ. दिनेश चंद्र, डॉ. स्वाति मेलकानी, डॉ. रूचि रजवार, डॉक्टर मंजरी चौधरी, डॉ. सुरभि गुप्ता, डॉ. विवेक कुमार आदि ने प्राचार्य मैडम के कार्यकाल को एक स्वर्णिम युग बताया। उन्होंने उनके ममत्व और वात्सल्य भरे स्वभाव की भी विस्तृत प्रशंसा की। इस अवसर पर डॉ. रुचि रजवार और मंजरी जोशी ने प्राचार्य के जीवन संस्मरण पर आधारित एक वीडियो सत्र भी चलाया।

जीवन में अनुशासन का महत्व

प्राचार्य प्रोफेसर आभा शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि जीवन में अनुशासन और समय के महत्व को पहचानना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को अपनी प्रगति के लिए जीवन में अनुशासन के महत्व को समझना चाहिए। उन्होंने सभी के द्वारा दिए गए सम्मान के लिए सबके प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।

धन्यवाद ज्ञापन

पूरे कार्यक्रम का संचालन हिंदी विभाग के प्राध्यापक डॉ. हेमचंद्र दुबे ने किया। इस अवसर पर डॉ. नीता शाह, डॉ. दीपा पांडे, डॉ. नीलम, डॉ. मंजरी जोशी, डॉ. गणेश नेगी, डॉ. विजय कुमार बिष्ट, डॉ. संजू कुमार, डॉ. फकीर सिंह, डॉ. ज्योति चुफाल, मंजू मेहरा, गणेश सिंह, क्वार्बी, कविता कोरंगा, पुष्पा मेहरा, भीम सिंह, चंदन सिंह, यशोधर नाथ, प्रकाश चंद्र, ललिता, पूजा, शाहिद और सैकड़ों विद्यार्थी मौजूद थे। कार्यक्रम के अंत में प्रोफेसर माया शुक्ला ने सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया।

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