नैनीताल

नैनीताल महिला कॉलेज में नवप्रवेशित छात्रों के लिए दीक्षारंभ कार्यक्रम का आयोजन

गीता जोशी (संपादक)प्रकाशित: 19 अगस्त 2026 | 03:29 PMअपडेट: 19 अगस्त 2026 | 03:30 PM40

नैनीताल महिला कॉलेज में नवप्रवेशित छात्रों के लिए दीक्षारंभ कार्यक्रम का आयोजन

नैनीताल, महिला कॉलेज में स्नातक कक्षाओं के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए दीक्षारंभ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को महाविद्यालय के वातावरण, शैक्षणिक अपेक्षाओं और विभिन्न अवसरों से परिचित कराना था।

छात्र जीवन में अनुशासन का महत्व

कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. आभा शर्मा ने छात्र जीवन में अनुशासन की महत्ता पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को तत्परता और लगन के साथ मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। प्राचार्य ने कहा कि अनुशासित जीवन ही सफलता की कुंजी है, और यह विद्यार्थियों को अपने शैक्षणिक और व्यक्तिगत लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायता करेगा।

लक्ष्य प्राप्ति हेतु प्रेरणा

वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. देवकी गिरी गोस्वामी ने छात्राओं को अनुशासन का पाठ पढ़ाया। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने जीवन में पांच महत्वपूर्ण लक्षणों को अपनाने और उन्हें अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए मार्गदर्शक बनाने की सलाह दी। यह पंचसूत्रीय सिद्धांत विद्यार्थियों को जीवन के हर क्षेत्र में सफल होने के लिए एक ठोस आधार प्रदान करेगा।

विज्ञान और पर्यावरण पर जोर

वनस्पति विज्ञान की प्राध्यापक डॉ. आशा तिवारी ने छात्राओं को वनस्पति विज्ञान की बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने विशेष रूप से ‘प्राण वायु’ (ऑक्सीजन) के महत्व और अधिक से अधिक पौधारोपण करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करने का प्रयास किया।


परीक्षा संबंधी महत्वपूर्ण निर्देश

गणित विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. नरेंद्र कुमार जोशी ने परीक्षा संबंधी महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने विद्यार्थियों को परीक्षा फॉर्म भरने में सावधानी बरतने की सलाह दी, ताकि भविष्य में परीक्षाफल के प्रकाशन में किसी प्रकार की त्रुटि न हो। यह सुनिश्चित करेगा कि विद्यार्थियों के वर्षों की मेहनत का उचित प्रतिफल उन्हें मिले।

नई शिक्षा नीति और करियर के अवसर

भौतिक विज्ञान के प्राध्यापक डॉ. विजय कुमार बिष्ट ने राष्ट्रीय नई शिक्षा नीति के अंतर्गत ‘समर्थ पोर्टल’ पर विषय चयन और वर्तमान में पढ़ाए जा रहे विविध पाठ्यक्रमों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों को उनके रुचि के अनुसार विषय चुनने और भविष्य के लिए तैयार होने में मदद करती है।

राष्ट्र सेवा और उद्यमिता

डॉ. स्वाति मेलकानी ने राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) और देश सेवा में इसके योगदान पर जानकारी दी। डॉ. गणेश सिंह नेगी ने उद्यमिता के माध्यम से स्वरोजगार अपनाने के महत्व पर बल दिया, जिससे युवा आत्मनिर्भर बन सकें।

खेल, संगीत और अन्य गतिविधियां

डॉ. नेहा सिंह ने क्रीड़ा कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया और कहा कि आज खेल भावना से विद्यार्थी पूरे विश्व में अपना परचम लहरा रहे हैं। डॉ. पूनम आर्य ने संगीत के माध्यम से विद्यार्थियों के जीवन में सात्विक आनंद की स्थापना के विषय पर चर्चा की। डॉ. बीना जोशी ने स्वीप (SVEEP – Systematic Voters’ Education and Electoral Participation) कार्यक्रमों के बारे में बताया, जो मतदाता जागरूकता पर केंद्रित हैं।

छात्रवृत्ति, योग और एनएसएस

डॉ. दिनेश चंद्र ने छात्रवृत्ति के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। डॉ. ज्योति चुफाल ने योग के विविध आसनों तथा प्राणायाम के महत्व को समझाया, जो शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं। डॉ. हेमचंद्र दुबे ने राष्ट्रीय सेवा योजना (एन.एस.एस.) के शिविरों के बारे में जानकारी दी, जो सामाजिक सेवा और सामुदायिक विकास को बढ़ावा देते हैं।

कार्यक्रम का संचालन और आभार

इस अवसर पर डॉ. शरद चंद्र मिश्रा, डॉ. नीता शाह, डॉ. दीपा पंत, डॉ. नमिता मिश्रा, डॉ. प्रीति रावत, डॉ. नीहारिका बिष्ट, डॉ. रेनू लोसाली, डॉ. ऋतु टम्टा भी उपस्थित रहे। समारोह का संचालन डॉ. हेमचंद्र दुबे एवं डॉ. सुरभि गुप्ता ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्या डॉ. आभा शर्मा ने की। अंत में, डॉ. हेमचंद्र दुबे ने सभी अतिथियों, प्राध्यापकों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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