जनसमस्याओं के निस्तारण में लापरवाही: चंपावत में लघु सिंचाई विभाग के अभियंताओं का एक दिन का वेतन रुका
गीता जोशी (संपादक)प्रकाशित: 10 अगस्त 2026 | 05:36 PM5

चंपावत, 10 अगस्त 2026
जनता की समस्याओं के त्वरित और पारदर्शी समाधान को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए, चंपावत के जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने जनसमस्याओं के निस्तारण में पाई गई लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया है। जनता मिलन, ‘जन-जन की सरकार’ और जन समर्पण पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण में अपेक्षित तत्परता न दिखाने तथा आपदा से क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों के विस्तृत आंकड़े प्रस्तुत करने में विलंब के कारण, लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता और संबंधित अभियंताओं के एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही
जिलाधिकारी ने इस मामले की गंभीरता को समझते हुए, लघु सिंचाई (एम.आई.) विभाग के अधिशासी अभियंता विमल कुमार सुंठा के साथ-साथ संबंधित सहायक अभियंताओं (AE) और अवर अभियंताओं (JE) का एक दिन का वेतन रोकने का आदेश जारी किया है। यह निर्णय जनता द्वारा विभिन्न माध्यमों से उठाई गई समस्याओं के समाधान में बरती गई कथित हीलाहवाली और लापरवाही के प्रत्यक्ष प्रमाणों के आधार पर लिया गया है। प्रशासन का स्पष्ट मानना है कि सरकारी योजनाओं और जन कल्याणकारी पहलों का प्रभावी क्रियान्वयन तभी संभव है जब शिकायतों का समय पर और संतोषजनक निस्तारण हो।
आपदा क्षति आकलन में विलंब
इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने आपदा से प्रभावित क्षेत्रों में हुई क्षति के आकलन और उससे संबंधित आंकड़ों को प्रस्तुत करने में हो रही देरी पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे आपदा से हुए नुकसान की रिपोर्ट तत्काल प्रभाव से प्रस्तुत करें। यह रिपोर्ट भविष्य में आपदा प्रबंधन और पुनर्वास कार्यों की योजना बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
श्री मनीष कुमार ने इस अवसर पर इस बात पर पुनः जोर दिया कि जनसमस्याओं का त्वरित और पारदर्शी निस्तारण वर्तमान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को सचेत किया है कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और तत्परता के साथ करें। जन-जन की सरकार और जन समर्पण पोर्टल जैसे प्लेटफॉर्म जनता को अपनी समस्याएं सीधे सरकार तक पहुंचाने का अवसर प्रदान करते हैं, और इन पोर्टलों पर दर्ज शिकायतों का समय पर समाधान सुनिश्चित करना अधिकारियों का परम कर्तव्य है।
आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी
जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि अविलंब कार्रवाई नहीं की गई तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध भविष्य में और भी कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस निर्देश का उद्देश्य अधिकारियों में जवाबदेही की भावना को जागृत करना और यह सुनिश्चित करना है कि जनता के हितों की अवहेलना किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह कदम अन्य विभागों के लिए भी एक स्पष्ट संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की कोताही को गंभीरता से लिया जाएगा।
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