चंपावत: अतिवृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का जायजा, शीघ्र मिलेगी सहायता
गीता जोशी (संपादक)प्रकाशित: 28 सितंबर 2026 | 06:51 PM15

चंपावत, 28 सितम्बर 2026। विगत तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश और अतिवृष्टि के कारण चंपावत जिले के लधियाघाटी एवं रीठा साहिब क्षेत्र में धान की फसलों को हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए प्रशासन सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार के निर्देशों के क्रम में उप जिलाधिकारी श्रीमती नीतू डागर के नेतृत्व में राजस्व एवं कृषि विभाग की एक संयुक्त टीम ने सोमवार को प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया।
क्षति का आकलन करने के निर्देश
संयुक्त टीम ने प्रभावित खेतों में पहुंचकर किसानों से सीधी जानकारी प्राप्त की और धान की फसल को हुए नुकसान का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि 25 से 27 सितम्बर 2026 तक हुई लगातार बारिश ने क्षेत्र की धान की फसलों को काफी प्रभावित किया है। कई किसानों द्वारा काटकर सुखाने के लिए खेतों में रखी गई धान की फसल बारिश की भेंट चढ़ गई। इसके अतिरिक्त, जो फसल कटाई के लिए तैयार खड़ी थी, उसे भी नुकसान पहुंचा है।
त्वरित सर्वे और सहायता का आश्वासन
उप जिलाधिकारी श्रीमती नीतू डागर ने राजस्व एवं कृषि विभाग के संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में फसल क्षति का सर्वे और आकलन प्राथमिकता के आधार पर अतिशीघ्र पूरा किया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रत्येक प्रभावित काश्तकार की क्षति का नियमानुसार आकलन कर आवश्यक कार्यवाही तेजी से पूरी की जाए, ताकि पात्र किसानों को जल्द से जल्द सहायता राशि उपलब्ध कराई जा सके।
स्थलीय निरीक्षण में कौन रहा मौजूद
इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान तहसीलदार पाटी श्री चन्द्र सिंह हरकोटिया, कृषि विभाग के न्याय पंचायत प्रभारी श्री नरेन्द्र सिंह, संबंधित पटवारी सहित राजस्व एवं कृषि विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित रहे। टीम द्वारा एकत्र की गई जानकारी के आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।
अतिवृष्टि का प्रभाव
लधियाघाटी और रीठा साहिब जैसे कृषि प्रधान क्षेत्रों में अतिवृष्टि से होने वाली फसल क्षति किसानों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय होती है। ऐसे समय में प्रशासन का त्वरित संज्ञान और सक्रियता प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। नियमानुसार सहायता राशि का वितरण किसानों को आर्थिक संबल प्रदान करता है, जिससे वे अगली फसल की तैयारी कर सकें।
आगे की कार्यवाही
संयुक्त टीम द्वारा तैयार की जाने वाली विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर, जिला प्रशासन क्षतिपूर्ति के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी पात्र किसान को उनकी क्षति के अनुपात में सरकारी सहायता मिलने में देरी न हो। इस प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए प्रशासन द्वारा की जा रही व्यवस्थाएं स्थानीय किसानों के विश्वास को बनाए रखने में सहायक सिद्ध होंगी।
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