April 18, 2026

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चम्पावत: 15वें वित्त आयोग से पंचायतों के लिए 11.50 करोड़ रुपये स्वीकृत

चम्पावत: जनपद चम्पावत को 15वें वित्त आयोग के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कुल 11.50 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की गई है। यह आवंटन जनपद की त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था को सुदृढ़ करने और चम्पावत को एक आदर्श जनपद बनाने की दिशा में विभिन्न मदों में प्रदान किया गया है।

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि यह अनुदान ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत – तीनों स्तरों पर विकास कार्यों को गति देने के लिए जारी किया गया है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार सुनिश्चित करना है।

जिला पंचायत राज अधिकारी महेश कुमार ने जानकारी दी कि जिला पंचायत चम्पावत को अनटाइड ग्रांट के रूप में कुल 97.04 लाख रुपये की धनराशि आवंटित हुई है। यह राशि दो किश्तों (प्रत्येक 48.52 लाख रुपये) में जारी की गई है। इसके अतिरिक्त, टाइड ग्रांट के रूप में प्रथम किश्त के तहत 72.79 लाख रुपये भी प्रदान किए गए हैं।

क्षेत्र पंचायतों के लिए अनटाइड ग्रांट के अंतर्गत कुल 70.22 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। इसमें चम्पावत विकास खंड को 26.26 लाख रुपये, लोहाघाट को 13.04 लाख रुपये, बाराकोट को 12.18 लाख रुपये तथा पाटी विकास खंड को 18.74 लाख रुपये प्राप्त हुए हैं।

वहीं, टाइड ग्रांट की प्रथम किश्त के रूप में कुल 52.68 लाख रुपये जारी किए गए। इनमें चम्पावत को 19.66 लाख रुपये, पाटी को 14.07 लाख रुपये, लोहाघाट को 9.78 लाख रुपये तथा बाराकोट को 9.17 लाख रुपये आवंटित हुए हैं।

ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों हेतु भी धनराशि स्वीकृत की गई है। टाइड ग्रांट के अंतर्गत 3.61 करोड़ रुपये (36,158,000 रुपये) की प्रथम किश्त जारी की गई। इसमें चम्पावत ब्लॉक को 1.38 करोड़ रुपये और पाटी ब्लॉक को लगभग 1 करोड़ रुपये की धनराशि प्राप्त हुई है। अनटाइड ग्रांट के रूप में कुल 4.96 करोड़ रुपये (49,592,000 रुपये) आवंटित किए गए हैं, जिसमें प्रथम एवं द्वितीय किश्त सम्मिलित हैं।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि आवंटित धनराशि का उपयोग निर्धारित मानकों के अनुसार समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, कार्यों की नियमित प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जाए।

उन्होंने कहा कि इस वित्तीय सहयोग से जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा और विकास योजनाओं को नई गति मिलेगी।