चंपावत

चंपावत में सेवा संकल्प फाउंडेशन द्वारा आयोजित 'सावन उत्सव 2026' में मातृशक्ति का संगम, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश

गीता जोशी (संपादक)प्रकाशित: 9 अगस्त 2026 | 03:20 PMअपडेट: 9 अगस्त 2026 | 03:23 PM17

चंपावत में सेवा संकल्प फाउंडेशन द्वारा आयोजित 'सावन उत्सव 2026' में मातृशक्ति का संगम, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश

चंपावत, सेवा संकल्प फाउंडेशन द्वारा रविवार को GGIC सभागार, चंपावत में ‘सावन उत्सव 2026’ का आयोजन अत्यंत उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस सांस्कृतिक और सामाजिक आयोजन का उद्देश्य उत्तराखंड की समृद्ध लोक-संस्कृति, परंपराओं और नारी शक्ति के उत्साह का सम्मान करना रहा।

उत्सव का शुभारंभ और संदेश

कार्यक्रम का शुभारंभ सेवा संकल्प फाउंडेशन की फ़ाउंडर ट्रस्टी श्रीमती गीता पुष्कर धामी एवं श्री पुष्कर सिंह धामी जी की पूज्य माताजी श्रीमती बिशना देवी जी द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए श्रीमती गीता धामी ने स्थानीय परंपराओं, लोक-गीतों और सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने एवं बढ़ावा देने का संकल्प लिया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत रुद्राक्ष का पौधा भी रोपा। श्रीमती धामी ने कहा कि पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं की उपस्थिति ने उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति को जीवंत कर दिया है। उन्होंने ‘सुपर ईजा डांस’, ‘मिसेज सावन क्वीन’ और ‘झोड़ा-चांचरी’ जैसी प्रतियोगिताओं का उद्देश्य अपनी सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना बताया। उन्होंने उपस्थित महिलाओं से उपहार में मिले पौधों का बच्चे की तरह पालन-पोषण करने का आह्वान किया, क्योंकि एक सशक्त महिला ही पूरे समाज को सशक्त बनाती है।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और आकर्षण

सावन उत्सव भक्ति और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर रहा। विद्यालय की छात्राओं, चंपावत डिग्री कॉलेज की बालिकाओं द्वारा हिमाचली नृत्य, नंदा सुनंदा की प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। कार्यक्रम का एक मुख्य आकर्षण 60 से 65 वर्ष की 13 सदस्यीय वरिष्ठ महिलाओं के समूह द्वारा नशा मुक्ति अभियान पर दी गई भावपूर्ण प्रस्तुति रही। इसके अतिरिक्त, उत्तराखंड की पौराणिक एवं सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने वाली प्रस्तुतियाँ, जैसे सातूं-आंठू (गौरा महेश) और झोड़ा-चांचरी का आयोजन भी मुख्य केंद्र रहा।


महिला सशक्तिकरण और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा

उत्सव में स्थानीय हुनर और लोक-कला को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न महिला समूहों द्वारा कई आकर्षक स्टॉल लगाए गए। इनमें मेहंदी, पारंपरिक ऐपण कला, लोहे के बर्तन, जूट के बैग और विविध पहाड़ी उत्पादों के स्टॉल शामिल थे, जिनका श्रीमती गीता धामी ने अवलोकन किया। लाइव मेहंदी स्टॉल, सावन उत्सव सैल्फी प्वाइंट तथा झूला स्टॉल पर भी महिलाओं और बालिकाओं की भीड़ देखने को मिली।

प्रतियोगिताएं और सम्मान

महिलाओं के उत्साह को दोगुना करने के लिए ‘मिसेज़ सावन क्वीन – 2026’ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें आकर्षक रैंप वॉक के माध्यम से विजेताओं का चयन कर उन्हें पुरस्कार व सम्मान प्रदान किया गया। इसके साथ ही, ‘सावन सरप्राइज अवॉर्ड्स’ के अंतर्गत सबसे लंबी प्रतिभागी, सबसे दूर से आई प्रतिभागी, सबसे सुंदर मुस्कान और सबसे आकर्षक पारंपरिक परिधान जैसी श्रेणियों में विशेष अवॉर्ड्स दिए गए। दिन भर हंसी, उमंग और उल्लास से भरपूर अनेक मनोरंजक खेल एवं प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिसमें सभी प्रतिभागियों को सहभागिता पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया।

नंदा शिखर सम्मान से सम्मानित महिलाएं

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 15 महिलाओं को श्रीमती गीता धामी द्वारा नंदा शिखर सम्मान से सम्मानित किया गया। इनमें स्वयं सहायता समूह की महिलाएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्तियाँ, आशा कार्यकर्तियाँ और शिक्षिकाएं शामिल थीं। सम्मानित होने वालों में श्रीमती राधा राणा, श्रीमती गीता देवी, श्रीमती आरती देवी, श्रीमती मालती देवी, श्रीमती गीता देवी, श्रीमती रजनी देवी, श्रीमती उमा त्रिपाठी, श्रीमती मीना पांडे, श्रीमती नीलू महर, श्रीमती दीपा बोहरा, श्रीमती कमला पंगरिया, श्रीमती गीता जोशी, श्रीमती नीरू देवी, श्रीमती बीना तोमर, और श्रीमती कमला नाथ गोस्वामी थीं।

उपस्थित गणमान्य व्यक्ति

इस अवसर पर दर्जा राज्य मंत्री श्री श्याम नारायण पांडे, सुभाष बगौली, हेमा जोशी, मुकेश महराना, विधायक प्रतिनिधि चंपावत प्रकाश तिवारी, नगर पालिका परिषद चंपावत श्रीमती प्रेमा पांडेय, ब्लॉक प्रमुख चंपावत श्रीमती अंचला बोहरा, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सतीश पांडे, महिला मोर्चा अध्यक्ष दीपा जोशी, शंकर पांडे, प्रदेश महामंत्री श्री मुकेश कलकुड़िया, सहायक परियोजना निदेशक विमी जोशी, समस्त महिला अधिकारी, विभिन्न जनप्रतिनिधि, ब्लॉक मिशन मैनेजर आशा सामंत, विभिन्न समूहों की महिलाएं, स्कूली छात्राएं सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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