चंपावत

चंपावत में कृषि-उद्यान विभाग के कर्मचारियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का प्रशिक्षण

गीता जोशी (संपादक)प्रकाशित: 8 अगस्त 2026 | 01:13 PM9

चंपावत में कृषि-उद्यान विभाग के कर्मचारियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का प्रशिक्षण

चंपावत, 07 अगस्त 2026

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का प्रशिक्षण संपन्न

जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार के निर्देशों और मुख्य विकास अधिकारी श्री जीएस खाती के आदेशों के अनुपालन में, परियोजना निदेशक श्री अजय सिंह की अध्यक्षता में कृषि एवं उद्यान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य विषय “कार्यालय एवं क्षेत्रीय कार्यों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के प्रभावी उपयोग” था, जो विशेष रूप से कृषि एवं उद्यान विभाग के फील्ड अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आयोजित की गई। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आधुनिक तकनीकों से अवगत कराना, सरकारी कार्यों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग के प्रति जागरूक करना तथा उनकी कार्यकुशलता और दक्षता में वृद्धि करना था।

AI के प्रशासनिक महत्व पर जोर

परियोजना निदेशक श्री अजय सिंह ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि बदलते समय के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रशासनिक कार्यों को अधिक सरल, त्वरित और प्रभावी बनाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम साबित हो रही है। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान का व्यवहारिक रूप से उपयोग करने का आह्वान किया, ताकि विभागीय कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जा सके। श्री सिंह ने इस बात पर भी बल दिया कि आधुनिक तकनीकों का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करके शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है।

AI टूल्स का व्यावहारिक परिचय

जिला उद्यान अधिकारी श्री योगेश भट्ट ने प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्रतिभागियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित आधुनिक डिजिटल टूल्स जैसे ChatGPT, Google Gemini और NotebookLM का विस्तृत परिचय प्रदान किया। उन्होंने इन प्लेटफॉर्मों के माध्यम से विभिन्न कार्यालयी कार्यों को सुगम बनाने के व्यावहारिक तरीके सिखाए। इनमें कार्यालयी पत्राचार, बैठक कार्यवृत्त, प्रतिवेदन और रिपोर्ट तैयार करना, सरकारी आदेशों और दिशा-निर्देशों का विश्लेषण करना, बड़े दस्तावेजों का संक्षिप्त सार तैयार करना, विभिन्न भाषाओं में अनुवाद करना तथा प्रभावी प्रस्तुतीकरण (Presentation) तैयार करना शामिल था। इसके अतिरिक्त, फील्ड स्तर पर योजनाओं की मॉनिटरिंग, सूचना संकलन और कार्य निष्पादन में AI के उपयोग के विभिन्न उदाहरण भी साझा किए गए।

AI के प्रभावी उपयोग से जनसेवा में सुधार

कार्यशाला में इस बात पर प्रकाश डाला गया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का जिम्मेदारीपूर्ण और प्रभावी उपयोग निर्णय लेने की प्रक्रिया, अभिलेख प्रबंधन, रिपोर्टिंग तथा जनसेवा से जुड़े कार्यों को अधिक सटीक, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बना सकता है। प्रतिभागियों ने इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी और वर्तमान समय की आवश्यकता के अनुरूप बताया। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाने की अपेक्षा व्यक्त की, ताकि वे नवीनतम तकनीकों से अपडेट रहें।

अनुभव और सुझावों का आदान-प्रदान

कार्यशाला का समापन प्रतिभागियों द्वारा अपने अनुभव और मूल्यवान सुझाव साझा करने के साथ हुआ। अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान का उपयोग विभागीय कार्यों में करते हुए जनसेवा को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे AI जैसी नवीन तकनीकों को अपनाकर अपने कार्यक्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करेंगे।

प्रतिभागी और उपस्थित अधिकारी

इस एक दिवसीय कार्यशाला में जनपद के विभिन्न विकासखंडों और विभागीय कार्यालयों से कुल 35 अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी (ग्रामीण विकास) श्री दिनेश दिगारी, मुख्य कृषि अधिकारी श्री धनपत कुमार, कृषि एवं मृदा संरक्षण अधिकारी डॉ. नारायण तथा जिला उद्यान अधिकारी श्री योगेश भट्ट सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस पहल का समर्थन किया और प्रशिक्षण के महत्व को रेखांकित किया।

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