चंपावत

चंपावत: बीएलओ को 13 अगस्त तक फॉर्म-6, 7, 8 की एंट्री और डिजिटाइजेशन पूरा करने के निर्देश

गीता जोशी (संपादक)प्रकाशित: 13 अगस्त 2026 | 11:04 AM6

चंपावत: बीएलओ को 13 अगस्त तक फॉर्म-6, 7, 8 की एंट्री और डिजिटाइजेशन पूरा करने के निर्देश

चंपावत, 13 अगस्त 2026। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा प्रेषित दिशा-निर्देशों के अनुपालन में, चंपावत जिले में चुनावी प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने हेतु महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। जिलाधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी श्री मनीष कुमार के मार्गदर्शन में, अपर जिलाधिकारी एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री के.एन. गोस्वामी की अध्यक्षता में SIR (Systematic Voter’s Education and Electoral Participation) कार्यों की समीक्षा के लिए एक ऑनलाइन बैठक संपन्न हुई।

निर्वाचन संबंधी कार्यों में तेजी

इस महत्वपूर्ण बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद चंपावत के अंतर्गत आने वाले 54-लोहाघाट और 55-चंपावत विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के सभी बीएलओ (Booth Level Officers) को उनके सौंपे गए कार्यों को समय पर पूरा करने हेतु निर्देशित करना था। विशेष रूप से, फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 से संबंधित प्रविष्टियों (एंट्री) और उनके डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया को 13 अगस्त 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। यह कार्य ERO Net पोर्टल पर संपादित किया जाना है।

तकनीकी सहायता और दिशा-निर्देश

बैठक के दौरान, जिला स्तर की मास्टर ट्रेनर्स (DLMT) द्वारा सभी बीएलओ को ऑनलाइन एंट्री और डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया से संबंधित आवश्यक तकनीकी जानकारी और दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। यह सुनिश्चित किया गया कि बीएलओ को कार्य को सटीकता और कुशलता से करने के लिए पर्याप्त ज्ञान और संसाधन उपलब्ध हों।

समय-सीमा के अनुपालन पर जोर

अपर जिलाधिकारी श्री के.एन. गोस्वामी ने बैठक में उपस्थित सभी बीएलओ को इस बात पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया कि निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन किया जाए। उन्होंने SIR से संबंधित सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर और अत्यंत सटीकता के साथ पूरा करने पर बल दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्वाचन संबंधी किसी भी कार्य में किसी भी स्तर पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

लंबित कार्यों को तत्काल पूरा करने का निर्देश

श्री गोस्वामी ने लंबित पड़े SIR संबंधी कार्यों को तत्काल पूरा करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी बीएलओ को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके कार्यक्षेत्र से संबंधित सभी निर्वाचन संबंधी कार्य बिना किसी विलंब के संपन्न हों। यह कदम मतदाताओं की सूची को अद्यतन रखने और आगामी चुनावों के सुचारू संचालन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

निर्वाचन आयोग की भूमिका

भारत निर्वाचन आयोग देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों का संचालन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। आयोग द्वारा समय-समय पर जारी किए जाने वाले दिशा-निर्देश बीएलओ जैसे जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शक का कार्य करते हैं, ताकि मतदाता सूची को त्रुटि रहित बनाया जा सके। फॉर्म-6 नए मतदाताओं के नाम जोड़ने, फॉर्म-7 में किसी मतदाता का नाम हटाने और फॉर्म-8 में मतदाता सूची में सुधार या पते में बदलाव जैसी प्रक्रियाओं से संबंधित होते हैं। इन सभी का डिजिटाइजेशन चुनावी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और कुशल बनाता है।

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