चंपावत

चंपावत: बनबसा में 37.82 लाख रुपये की लागत से बन रहा सैनिक स्मारक अंतिम चरण में, 99% काम पूरा

गीता जोशी (संपादक)प्रकाशित: 5 अगस्त 2026 | 07:50 PM3

चंपावत: बनबसा में 37.82 लाख रुपये की लागत से बन रहा सैनिक स्मारक अंतिम चरण में, 99% काम पूरा

चंपावत, 05 अगस्त 2026

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के अनुरूप, चंपावत जनपद के बनबसा में 37.82 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन सैनिक स्मारक का कार्य अपने अंतिम चरण में पहुँच गया है। जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार के निर्देशों के क्रम में, निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा रही है।

निर्माण कार्य की प्रगति

बुधवार को जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल उमेद सिंह (सेवानिवृत्त) ने ओ. कैप्टन भानी चन्द (सेवानिवृत्त) और नगर पंचायत बनबसा के जूनियर इंजीनियर श्री प्रकाश चंद के साथ निर्माणाधीन सैनिक स्मारक का स्थलीय निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्यों की प्रगति का विस्तृत जायजा लिया गया।

निरीक्षण के दौरान यह जानकारी दी गई कि सैनिक स्मारक का लगभग 99 प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। वर्तमान में केवल जनपद चंपावत के वीर शहीदों के नाम स्मारक पर उत्कीर्ण करने का कार्य शेष है। इस कार्य के लिए, जनपद के 62 शहीदों की प्रमाणित सूची कार्यदायी संस्था, नगर पंचायत परिषद बनबसा के अधिशासी अधिकारी को उपलब्ध करा दी गई है। उम्मीद है कि यह कार्य शीघ्र ही पूर्ण कर लिया जाएगा।

स्मारक का महत्व

जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल उमेद सिंह (सेवानिवृत्त) ने कहा कि सैनिक स्मारक का निर्माण अत्यंत उत्कृष्ट गुणवत्ता के साथ किया गया है। यह स्मारक उनकी परिकल्पना और अपेक्षाओं के अनुरूप आकार ले चुका है। उन्होंने निर्माण कार्य में लगे सभी अधिकारियों और कार्यदायी संस्था के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बताया कि स्मारक पूर्ण होने के बाद यह जनपद चंपावत के वीर शहीदों के अदम्य साहस, बलिदान और राष्ट्रसेवा की गौरवशाली गाथा का प्रतीक बनेगा।

उन्होंने आगे कहा कि यह सैनिक स्मारक केवल एक भौतिक संरचना नहीं है, बल्कि यह देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों के प्रति कृतज्ञ राष्ट्र की श्रद्धांजलि है। यह आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और वीरता की प्रेरणा देगा और जनपदवासियों के लिए गर्व का केंद्र बनेगा।

जिलाधिकारी के निर्देश

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि शेष कार्यों को निर्धारित समयावधि में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा कराया जाए। इसका उद्देश्य यह है कि सैनिक स्मारक को शीघ्र ही जनसामान्य के लिए समर्पित किया जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद के वीर शहीदों की स्मृति को चिरस्थायी बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है, जो उनकी अमर गाथाओं को सदैव जीवंत रखेगी।

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