चंपावत के पात्र परिवारों को मिलेगा पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ: ₹20 करोड़ राज्यांश अनुदान को मुख्यमंत्री की मंजूरी
गीता जोशी (संपादक)प्रकाशित: 27 जुलाई 2026 | 09:06 PM15

चंपावत, 27 जुलाई 2026
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत उत्तराखण्ड के पात्र लाभार्थियों के लिए ₹20 करोड़ की राज्यांश अनुदान राशि को मंजूरी दी है। यह राशि भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एम.एन.आर.ई.) के सोलर फोटोवोल्टाइक कार्यक्रम के तहत प्रदान की जाएगी।
योजना का उद्देश्य और लाभ
इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ाना और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहित करना है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत, पात्र परिवार अपने घरों की छतों पर सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित कर सकेंगे। इससे न केवल उन्हें बिजली बिल में काफी राहत मिलेगी, बल्कि वे स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग में भी योगदान देंगे। इसके अतिरिक्त, यदि संयंत्र से अतिरिक्त बिजली का उत्पादन होता है, तो निर्धारित प्रावधानों के अनुसार उसका लाभ भी पात्र परिवारों को प्राप्त हो सकेगा। यह योजना ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल है।
चंपावत जिले में क्रियान्वयन
जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने इस महत्वपूर्ण घोषणा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जनहित की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने आश्वस्त किया कि चंपावत जनपद के पात्र लाभार्थियों को भी इस महत्वाकांक्षी योजना का पूरा लाभ मिलेगा। जिलाधिकारी ने आगे बताया कि जिला प्रशासन और संबंधित विभाग पात्र परिवारों को इस योजना से जोड़ने के लिए सक्रिय रूप से कार्य करेंगे। आवेदन प्रक्रिया में आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इस योजना के माध्यम से स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा का लाभ उठा सकें।
ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना एक व्यापक पहल है जो न केवल परिवारों की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने में मदद करेगी, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा में भी योगदान देगी। सौर ऊर्जा एक नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत है, जिसके उपयोग से जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम होती है और पर्यावरण पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को भी कम किया जा सकता है। इस योजना के माध्यम से घरों पर स्थापित किए जाने वाले सोलर रूफटॉप संयंत्र, कार्बन उत्सर्जन को कम करने में सहायक होंगे, जिससे प्रदेश एक स्वच्छ और हरित भविष्य की ओर अग्रसर होगा।
यह योजना उन परिवारों के लिए विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध होगी जो वर्तमान में बिजली के उच्च बिलों से जूझ रहे हैं। सोलर ऊर्जा के माध्यम से वे न केवल अपनी बिजली की आवश्यकताएं पूरी कर सकेंगे, बल्कि अतिरिक्त आय अर्जित करने की संभावनाओं को भी तलाश सकेंगे। प्रदेश सरकार द्वारा ₹20 करोड़ के राज्यांश अनुदान की स्वीकृति इस दिशा में एक बड़ा कदम है, जो योजना के सुचारू और प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करेगा।
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