April 18, 2026

Devbhoomi Deep

Positive News with New Perspective.

एबट माउंट में पक्षी जैव विविधता आकलन कार्यक्रम का प्रथम दिवस संपन्न, 52 प्रजातियों की पहचान

IMG 20260219 WA0010

चंपावत: चंपावत जिले में आयोजित हो रहे प्रतिष्ठित चंपावत सरस कॉर्बेट महोत्सव 2026 के अंतर्गत, एबट माउंट वन परिसर और उसके आसपास के क्षेत्रों में दो दिवसीय पक्षी जैव विविधता आकलन एवं प्रलेखन कार्यक्रम का पहला दिन सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। यह महत्वपूर्ण पहल 19 फरवरी, 2026 को आरंभ हुई, जिसका उद्देश्य क्षेत्र की समृद्ध avian संपदा का गहन अध्ययन और दस्तावेजीकरण करना है। यह कार्यक्रम पर्यावरणीय संरक्षण और प्रकृति पर्यटन के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में पाई जाने वाली विभिन्न पक्षी प्रजातियों का वैज्ञानिक आकलन करना है। यह आकलन उनके पर्यावास, व्यवहार और संख्यात्मक उपस्थिति की विस्तृत जानकारी एकत्र करने पर केंद्रित है। साथ ही, कार्यक्रम का एक और महत्वपूर्ण लक्ष्य इन सभी प्रजातियों का व्यवस्थित दस्तावेजीकरण करना है, ताकि एक सटीक और विश्वसनीय डेटाबेस तैयार किया जा सके। यह वैज्ञानिक प्रलेखन भविष्य के अनुसंधान और संरक्षण रणनीतियों के लिए आधार प्रदान करेगा।

कार्यक्रम का एक दीर्घकालिक उद्देश्य एबट माउंट क्षेत्र में प्रकृति पर्यटन और बर्डिंग गतिविधियों के सुदृढ़ विकास के लिए आवश्यक आधारभूत आंकड़े एकत्रित करना है। इन आंकड़ों के माध्यम से पर्यटन के अवसरों की पहचान की जा सकेगी और उनके सतत विकास की योजना बनाई जा सकेगी। यह पहल पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण प्रदान करती है, जिससे प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित हो सके।

सर्वेक्षण कार्य के लिए, अनुभवी पक्षी विशेषज्ञों की एक 15 सदस्यीय टीम का गठन किया गया था। इस विशेषज्ञ दल ने पूर्व निर्धारित चार रूट्स पर ट्रांसेक्ट पद्धति का उपयोग करते हुए सुनियोजित सर्वेक्षण किया। ट्रांसेक्ट पद्धति में, विशेषज्ञ एक निश्चित मार्ग पर चलते हुए पक्षियों का अवलोकन और पहचान करते हैं, जिससे एक व्यापक और व्यवस्थित डेटा संग्रह सुनिश्चित होता है। टीम के सदस्यों ने अपनी विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए पक्षियों की पहचान और उनके विवरण दर्ज किए।

सर्वेक्षण के पहले दिन, विशेषज्ञ टीम ने कुल 52 विभिन्न पक्षी प्रजातियों का सफलतापूर्वक अवलोकन और पहचान की। यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है जो क्षेत्र की समृद्ध पक्षी विविधता को दर्शाती है। प्रत्येक प्रजाति की संख्या, उसके आवास, विशिष्ट व्यवहार पैटर्न और उपस्थिति संबंधी विस्तृत विवरण सावधानीपूर्वक दर्ज किए गए। इन सभी अभिलेखों के आधार पर प्रारंभिक जैव विविधता विश्लेषण के लिए एक विस्तृत चेकलिस्ट भी तैयार की गई है, जो आगे के अध्ययन का आधार बनेगी।

एबट माउंट क्षेत्र को पारिस्थितिकीय दृष्टि से अत्यंत समृद्ध और संभावनाशील माना जाता है। यहां की विविध वनस्पति और नैसर्गिक प्राकृतिक वातावरण इसे पक्षी जीवन के लिए एक आदर्श पर्यावास बनाते हैं। यह अनूठा संयोजन एबट माउंट को एक उभरते हुए बर्डिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए अत्यंत उपयुक्त बनाता है, जहां प्रकृति प्रेमी और पक्षी विज्ञानी समान रूप से आकर्षित हो सकते हैं। इस क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता इसे विशेष बनाती है।

इस पहल से न केवल क्षेत्र की जैव विविधता का एक व्यापक और वैज्ञानिक दस्तावेज तैयार होगा, बल्कि यह प्रकृति-आधारित पर्यटन को भी महत्वपूर्ण बढ़ावा देगा। सटीक वैज्ञानिक जानकारी और व्यवस्थित प्रचार के माध्यम से, अधिक पर्यटक और पक्षी प्रेमी इस क्षेत्र की ओर आकर्षित होंगे। प्रकृति-आधारित पर्यटन में वृद्धि से स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होने की प्रबल संभावना है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ मिलेगा और समुदाय का सशक्तिकरण होगा।

इसके अतिरिक्त, यह कार्यक्रम जनमानस में पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति जागरूकता को सुदृढ़ करने में भी सहायक होगा। स्थानीय समुदाय और आगंतुकों को क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता से परिचित कराकर, कार्यक्रम प्राकृतिक संसाधनों के महत्व और उनके संरक्षण की आवश्यकता के प्रति समझ विकसित करेगा। यह जागरूकता दीर्घकालिक पर्यावरणीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है।

विशेषज्ञ दल में  बची सिंह बिष्ट, राजेश भट्ट, सुबेंदु शर्मा, नवीन उपाध्याय, विवेक रावत, दीप मेलकानी, हिमांशु तिरवा और भास्कर सती जैसे अनुभवी सदस्य सम्मिलित रहे। इनके साथ अन्य कई समर्पित सदस्यों ने भी इस महत्वपूर्ण सर्वेक्षण कार्य में अपना योगदान दिया। टीम के सामूहिक प्रयासों और विशेषज्ञता के कारण ही कार्यक्रम का पहला दिन अपनी निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने में सफल रहा।