नई दिल्ली। Lok Sabha में ‘जी राम जी’ बिल को लेकर बुधवार को जबरदस्त राजनीतिक टकराव देखने को मिला। सरकार ने विधेयक को पेश करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य ग्रामीण रोजगार व्यवस्था को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाना है। चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष ने तर्क दिया कि नए प्रावधानों से काम के अवसर बढ़ेंगे और लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचेगा।
वहीं विपक्ष ने बिल के समय और तरीके पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि यह विधेयक मौजूदा ग्रामीण रोजगार कानून की मूल भावना को कमजोर करता है और इसमें किए गए बदलावों पर गहन चर्चा जरूरी थी। विरोध दर्ज कराते हुए कुछ विपक्षी सांसदों ने सदन के भीतर बिल की प्रतियां फाड़ दीं और जोरदार नारेबाज़ी की। हालात इतने बिगड़े कि कुछ समय के लिए सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई।
VB-G-RAM-G का पूरा नाम Viksit Bharat – Grameen Rozgar aur Aajeevika Mission (Gramin) बताया जा रहा है। यह एक नया प्रस्तावित कानून/योजना है, जिसे सरकार ने ग्रामीण इलाकों में रोज़गार और आजीविका को नए ढंग से मजबूत करने के उद्देश्य से पेश किया है। सरकार का दावा है कि यह योजना पुराने ग्रामीण रोजगार ढांचे को आधुनिक जरूरतों के हिसाब से बेहतर बनाएगी और गांवों में रहने वाले लोगों को ज्यादा दिनों तक काम और स्थायी आय का अवसर देगी।
इस योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को साल में पहले से ज्यादा काम के दिन देने का प्रावधान रखा गया है। सरकार का कहना है कि इससे सिर्फ मजदूरी ही नहीं, बल्कि गांवों में स्थायी परिसंपत्तियां (जैसे सड़क, जल संरक्षण, सिंचाई, पंचायत से जुड़े काम) भी विकसित होंगी। साथ ही डिजिटल निगरानी, सीधे भुगतान और काम की गुणवत्ता पर ज्यादा जोर देने की बात कही गई है, ताकि गड़बड़ी और भ्रष्टाचार को रोका जा सके।
VB-G-RAM-G में यह भी कहा गया है कि काम सिर्फ परंपरागत मजदूरी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कौशल आधारित कार्य, स्थानीय जरूरतों के अनुसार प्रोजेक्ट और आजीविका से जुड़े नए प्रयोग किए जाएंगे। सरकार के मुताबिक इससे ग्रामीण युवाओं को गांव में ही रोजगार मिलेगा और शहरों की ओर पलायन कम होगा।
हालांकि, विपक्ष का कहना है कि यह योजना पुराने अधिकार-आधारित रोजगार कानून की भावना को कमजोर कर सकती है। उनका तर्क है कि नाम और ढांचे में बदलाव के साथ अगर कानूनी गारंटी कमजोर हुई, तो सबसे ज्यादा असर गरीब मजदूरों पर पड़ेगा। इसी वजह से VB-G-RAM-G को लेकर संसद में भारी विवाद और हंगामा देखने को मिला।
कुल मिलाकर, VB-G-RAM-G को सरकार ग्रामीण भारत के लिए नया रोजगार मॉडल बता रही है, जबकि विपक्ष इसे पुराने भरोसेमंद सिस्टम से हटने का जोखिम मान रहा है। आने वाले समय में इसके नियम, फंडिंग और अमल के तरीके से ही साफ होगा कि यह योजना वास्तव में गांवों के लिए कितनी फायदेमंद साबित होती है।
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