पुणे-पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुरेश कलमाड़ी का पुणे में 81 वर्ष की आयु में निधन हो गया। लंबे समय से बीमार चल रहे कलमाड़ी का इलाज दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में चल रहा था। अंतिम संस्कार का पूरा कार्यक्रम पढ़ें।
महाराष्ट्र के पुणे से एक अहम राजनीतिक खबर सामने आई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री, वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पुणे से पूर्व सांसद Suresh Kalmadi का मंगलवार तड़के 81 वर्ष की आयु में निधन हो गया। लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे सुरेश कलमाड़ी ने सुबह करीब 3:30 बजे पुणे के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन से राजनीतिक और खेल जगत में शोक की लहर है।
कलमाड़ी के कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान में उनके निधन की पुष्टि की गई। बयान के अनुसार, उनका पार्थिव शरीर आज दोपहर 2 बजे तक पुणे के एरंडवाने स्थित उनके आवास “कलमाड़ी हाउस” में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद दोपहर 3:30 बजे नवी पेठ स्थित वैकुंठ श्मशान भूमि में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
राजनीतिक और पारिवारिक जीवन
सुरेश कलमाड़ी पुणे की राजनीति का जाना-पहचाना चेहरा रहे हैं। वे कई बार लोकसभा सांसद चुने गए और केंद्र सरकार में रेल राज्य मंत्री के रूप में भी उन्होंने जिम्मेदारी निभाई। उनके परिवार में पत्नी, बेटा, बहू, दो बेटियां, दामाद और पोते-पोतियां शामिल हैं। परिवार के करीबी सूत्रों के अनुसार, अंतिम संस्कार में राजनीति, प्रशासन और सामाजिक जगत से जुड़े कई लोग शामिल हो सकते हैं।
खेल प्रशासन में अहम भूमिका
राजनीति के साथ-साथ सुरेश कलमाड़ी का नाम भारतीय खेल प्रशासन में भी प्रमुखता से लिया जाता रहा है। वे भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के अध्यक्ष रहे और लंबे समय तक देश में खेल गतिविधियों से जुड़े रहे। उनके कार्यकाल के दौरान भारत ने कई अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में हिस्सा लिया और खेल ढांचे को मजबूत करने की दिशा में प्रयास किए गए।
कॉमनवेल्थ गेम्स और विवाद
साल 2010 में आयोजित दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान सुरेश कलमाड़ी का नाम भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया। आयोजन समिति के प्रमुख के रूप में उन पर खेलों के फंड के कथित दुरुपयोग के आरोप लगे। इस मामले में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज हुआ और अप्रैल 2011 में उनकी गिरफ्तारी भी हुई थी। इसके बाद कांग्रेस पार्टी ने उन्हें निलंबित कर दिया था।
हालांकि, समय के साथ इस मामले में कानूनी प्रक्रियाएं आगे बढ़ीं। अप्रैल 2025 में दिल्ली की एक अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दायर क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया, जिससे मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े आरोपों का औपचारिक रूप से अंत हो गया।
वायुसेना से राजनीति तक का सफर
बहुत कम लोग जानते हैं कि राजनीति में आने से पहले सुरेश कलमाड़ी भारतीय वायुसेना में पायलट रह चुके थे। उन्होंने 1964 से 1972 तक वायुसेना में सेवा दी और वर्ष 1974 में सेवानिवृत्त होने के बाद सार्वजनिक जीवन में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस पार्टी के साथ जुड़कर राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई और पुणे से राष्ट्रीय पहचान बनाई।
शोक संदेशों का सिलसिला
उनके निधन पर कांग्रेस पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं, महाराष्ट्र के राजनीतिक दलों और खेल जगत से जुड़े लोगों ने शोक व्यक्त किया है। सोशल मीडिया पर भी बड़ी संख्या में लोग उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। कई नेताओं ने उनके लंबे सार्वजनिक जीवन और योगदान को याद करते हुए शोक संदेश साझा किए।
निष्कर्ष
वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुरेश कलमाड़ी का निधन भारतीय राजनीति और खेल प्रशासन के एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत माना जा रहा है। उनका जीवन उपलब्धियों, विवादों और सार्वजनिक सेवा से भरा रहा। पुणे और देश की राजनीति में उनका योगदान लंबे समय तक याद किया जाएगा।
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