देहरादून – शहर में अवैध रूप से संचालित पेट शॉप व केयर सेंटरों पर प्रशासन की सख्ती जारी है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर शिमला बायपास स्थित बदमाश डॉग बोर्डिंग हाउस पर शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की गई। बिना लाइसेंस चल रहे इस पशु केयर सेंटर को उपजिलाधिकारी कुमकुम जोशी की अगुवाई में टीम ने मौके पर पहुंचकर सील कर दिया।


हाउस में मौजूद 10 जानवर—श्वान और बिल्लियों—को नियमानुसार एक अनुमोदित एनजीओ के सुपुर्द किया जाएगा। जिलाधिकारी ने हाल के दिनों में श्वानों द्वारा काटने की बढ़ती घटनाओं पर संज्ञान लेते हुए जनपद में चल रहे बिना अनुमति वाले पेट शॉप व केयर सेंटरों के खिलाफ कड़ा प्रवर्तन अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
जिले में अवैध पेट शॉप, केयर सेंटर, तथा प्रतिबंधित नस्लों के कुत्तों की शिकायतों को देखते हुए डीएम द्वारा एक जांच कमेटी गठित की गई थी। जांच टीम ने बदमाश बोर्डिंग फैसिलिटी का स्थलीय निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी।
जांच के दौरान समिति के सदस्यों ने पाया कि तीन मंजिला मकान में बोर्डिंग फैसिलिटी का बैनर लगा था, जिसमें जीएसी नंबर सहित अन्य विवरण दर्ज थे। मुख्य द्वार पर घंटी बजाने पर कोई जवाब नहीं मिला। समिति जब भवन के अंदर गई तो प्रथम मंजिल खाली मिली, जबकि दूसरी मंजिल पर दो पर्शियन बिल्लियां तथा बालकनी में सात–आठ पक्षी रखे गए थे। बालकनी को तारबाड़ से बंद किया गया था।
तीसरी मंजिल पर चार श्वान—जिनमें एक Golden Retriever और एक Pitbull शामिल थे—एक कमरे में बंद पाए गए। इसी तल पर मौजूद दो व्यक्तियों ने बताया कि वे वेल्डिंग का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने टीम को अंदर जाने से रोकने की भी कोशिश की और किसी तरह का सहयोग नहीं किया।
निरीक्षण में यह स्पष्ट हुआ कि भवन में पालतू पशुओं को रखने की उचित व्यवस्था नहीं थी और न ही कोई वैध लाइसेंस प्रस्तुत किया गया।
प्रशासन ने कहा है कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा और जनहित में अवैध पशु गतिविधियों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।
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