चम्पावत: जनपद के बनबसा स्थित गुदमी क्षेत्र में लगभग 500 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली आधुनिक लैंड पोर्ट परियोजना का निरीक्षण किया गया। यह निरीक्षण लोक निर्माण विभाग, पर्यटन, संस्कृति, सिंचाई, लघु सिंचाई, पंचायती राज एवं ग्रामीण निर्माण मंत्री सतपाल महाराज द्वारा किया गया। इस परियोजना का विकास भारतीय भू-सीमा पत्तन प्राधिकरण द्वारा किया जा रहा है।
निरीक्षण के बाद एनएचपीसी लिमिटेड के बनबसा गेस्ट हाउस सभागार में एक समीक्षा बैठक हुई। इस बैठक में परियोजना की वर्तमान प्रगति, तकनीकी व्यवस्थाएं, सुरक्षा प्रबंधन और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय तंत्र जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान मंत्री ने निर्देश दिए कि यह परियोजना अप्रैल 2027 तक पूर्ण कर ली जाए। इसका उद्देश्य भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों और यात्री सुविधाओं का लाभ जल्द से जल्द शुरू करना है। उन्होंने लैंड पोर्ट को अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणाली, डिजिटल निगरानी तंत्र और स्मार्ट प्रबंधन व्यवस्था से सुसज्जित करने के भी निर्देश दिए।
मंत्री ने तराई क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि आगंतुकों की सुविधा के लिए सभी संकेतक पट्ट तीन भाषाओं में लगाए जाएं। इसके अतिरिक्त, परियोजना परिसर में वर्षा जल संचयन प्रणाली को अनिवार्य रूप से शामिल करने और संबंधित विभागों के बीच मजबूत समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। पर्यावरणीय स्वीकृतियों की प्रक्रिया को भी शीघ्र पूर्ण करने पर विशेष बल दिया गया।
मंत्री ने उल्लेख किया कि यह आधुनिक लैंड पोर्ट भारत और नेपाल के बीच व्यापार और यात्री आवागमन के लिए एक एकीकृत, सुरक्षित और सुविधाजनक प्रणाली विकसित करेगा। इस परिसर में सीमा शुल्क, सुरक्षा, व्यापार और सीमा प्रबंधन से संबंधित सभी प्रमुख एजेंसियां एक साथ कार्य करेंगी, जिससे प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और गति सुनिश्चित होगी।
उन्होंने आगे कहा कि यह परियोजना केवल अवसंरचना विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि सीमांत क्षेत्रों के आर्थिक परिदृश्य में व्यापक बदलाव लाएगी। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बनबसा लैंड पोर्ट सीमा पार व्यापार को मजबूत करेगा। यह कृषि और औद्योगिक उत्पादों के लिए एक सुव्यवस्थित औपचारिक प्रवेश द्वार भी प्रदान करेगा, साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित करेगा।
इस निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, भारतीय भू-सीमा पत्तन प्राधिकरण, वन विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित थे।
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