April 18, 2026

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पूर्णागिरि मंदिर रोपवे परियोजना का निरीक्षण, श्रद्धालुओं को मिलेगी आधुनिक और सुरक्षित यात्रा सुविधा

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चम्पावत –  जनपद चम्पावत के प्रसिद्ध आस्था केंद्र पूर्णागिरि मंदिर में निर्माणाधीन रोपवे परियोजना का जिलाधिकारी  मनीष कुमार ने स्थलीय निरीक्षण कर कार्य प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया। यह परियोजना श्रद्धालुओं को सुगम, सुरक्षित और त्वरित यात्रा की आधुनिक सुविधा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

परियोजना की प्रगति पर विस्तृत समीक्षा

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माण स्थल का अवलोकन कर संबंधित अधिकारियों से प्रगति रिपोर्ट प्राप्त की। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए तथा सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।

दिल्ली स्थित कार्यदायी संस्था के.आर. आनंद कंस्ट्रक्शन लिमिटेड द्वारा इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण कार्य किया जा रहा है। प्रोजेक्ट मैनेजर  महेन्द्र राठौर ने रोपवे के तकनीकी पहलुओं, संरचनात्मक विशेषताओं और वर्तमान निर्माण स्थिति की विस्तार से जानकारी दी।

रोपवे की प्रमुख विशेषताएं

परियोजना के अनुसार रोपवे की कुल लंबाई लगभग 950 मीटर होगी। इसमें दो आधुनिक ट्रॉलियां संचालित होंगी, जिनमें प्रत्येक में एक समय में 65 श्रद्धालु सवार हो सकेंगे। रोपवे लगभग 250 मीटर की ऊंचाई को मात्र 7 मिनट में पार करेगा। अनुमान है कि इस सुविधा के माध्यम से प्रति घंटे 800 से अधिक श्रद्धालुओं की आवाजाही संभव हो सकेगी।

यह सुविधा विशेष रूप से उन श्रद्धालुओं के लिए राहतकारी सिद्ध होगी, जिन्हें अब तक हनुमानचट्टी से काली मंदिर तक लगभग 6 किलोमीटर का पैदल या सड़क मार्ग तय करना पड़ता था। वृद्धजन, महिलाएं और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए यह परियोजना अत्यंत लाभकारी साबित होगी।

पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान

परियोजना की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि हनुमानचट्टी और काली मंदिर टर्मिनल स्टेशनों के मध्य 950 मीटर की पूरी दूरी में किसी प्रकार का मध्य पोल स्थापित नहीं किया जाएगा। इससे प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यावरणीय संतुलन को संरक्षित रखने में सहायता मिलेगी।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों के साथ पर्यावरण संरक्षण भी समान रूप से महत्वपूर्ण है। उन्होंने निर्माण एजेंसी को निर्देश दिए कि परियोजना के प्रत्येक चरण में पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए।

समयबद्ध पूर्णता पर जोर

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने आवश्यक निर्माण सामग्री के शीघ्र स्थानांतरण और कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि परियोजना निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण हो सके। उन्होंने कहा कि यह रोपवे परियोजना न केवल श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

परियोजना के पूर्ण होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों में वृद्धि और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की संभावना है।

पूर्णागिरि मेले की तैयारियों की समीक्षा

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने आगामी पूर्णागिरि मेले की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं समय से पूर्ण कर ली जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, स्वच्छता, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित तैयारियों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। प्रशासन का उद्देश्य है कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुव्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराया जाए।

सड़क सुधार पर भी निर्देश

इस अवसर पर लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को बाटनगाड़ क्षेत्र में सड़क सुधारीकरण हेतु विभिन्न विकल्पों पर शीघ्र कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क से न केवल रोपवे परियोजना को लाभ मिलेगा, बल्कि समग्र क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी।

प्रशासनिक उपस्थिति

निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने परियोजना को समय पर और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त की।

धार्मिक पर्यटन को मिलेगा प्रोत्साहन

पूर्णागिरि धाम उत्तराखंड के प्रमुख शक्ति पीठों में से एक है, जहां प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। रोपवे परियोजना के पूर्ण होने के बाद यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में और वृद्धि होने की संभावना है। इससे स्थानीय व्यापार, होटल उद्योग और परिवहन सेवाओं को भी लाभ मिलेगा।

आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन के साथ यह परियोजना क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन के नए आयाम स्थापित कर सकती है।

निष्कर्ष

पूर्णागिरि रोपवे परियोजना श्रद्धालुओं की सुविधा और क्षेत्रीय विकास के दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण पहल है। जिलाधिकारी द्वारा किए गए स्थलीय निरीक्षण से यह स्पष्ट है कि प्रशासन इस परियोजना को लेकर गंभीर और प्रतिबद्ध है।

परियोजना के पूर्ण होने के बाद श्रद्धालुओं को सुरक्षित, त्वरित और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा, जो पूर्णागिरि धाम की यात्रा को और अधिक सुगम एवं यादगार बनाएगा।