चम्पावत – विकास योजनाओं को लेकर क्षेत्र पंचायत सदस्यों द्वारा लोहाघाट स्थित खंड विकास अधिकारी कार्यालय के बाहर दिया जा रहा अनिश्चितकालीन धरना शुक्रवार को जिलाधिकारी मनीष कुमार के हस्तक्षेप के बाद समाप्त हो गया।
धरना स्थल पर पहुंचकर जिलाधिकारी ने स्वयं क्षेत्र पंचायत सदस्यों के साथ बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं और लंबित विकास कार्यों पर विस्तृत चर्चा की। जिलाधिकारी द्वारा सकारात्मक आश्वासन दिए जाने के बाद आपसी सहमति से धरना समाप्त करने का निर्णय लिया गया तथा क्षेत्र के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी।
जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी, लोहाघाट को निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तावित उपयोगिता आधारित योजनाओं को प्राथमिकता देते हुए उन्हें विकास प्रस्तावों में सम्मिलित किया जाए, ताकि क्षेत्र का संतुलित एवं समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने क्षेत्र पंचायत सदस्यों से आग्रह किया कि बीडीसी की गरिमा बनाए रखते हुए अपनी समस्याएं निर्धारित एवं उपयुक्त मंच के माध्यम से रखें, जिससे उनका समयबद्ध समाधान संभव हो सके।

इस दौरान जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि क्षेत्र पंचायत से जुड़े सभी प्रस्ताव ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर उपलब्ध हैं। साथ ही निर्देश दिए कि प्राप्त सभी प्रस्तावों की व्यवहारिकता और उपयोगिता की जांच कर उन्हें आगामी बीडीसी बैठक में प्रस्तुत किया जाए और नियमानुसार स्वीकृति दी जाए।
जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी को शीघ्र बीडीसी बैठक आयोजित कर सभी विकास प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी जी.एस. खाती, खंड विकास अधिकारी कविन्द्र रावत, जिला पंचायत राज अधिकारी महेश कुमार सहित क्षेत्र पंचायत सदस्य एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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