चम्पावत: जिलाधिकारी ने जनपद मुख्यालय के नागनाथ वार्ड में विकसित किए जा रहे देवभूमि रजत जयंती पार्क का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री घोषणा संख्या-670/2024 के अंतर्गत 133.10 लाख रुपये की लागत से इस पार्क का निर्माण नगर पालिका परिषद चम्पावत द्वारा कराया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था और विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पार्क का निर्माण कार्य मई माह तक हर हाल में पूरा कर लिया जाए। उन्होंने निर्माण में पारंपरिक कुमाऊंनी स्थापत्य शैली के उपयोग को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए, जिससे यह स्थल जनपद की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित कर सके। जिलाधिकारी ने कहा कि इस पार्क की रूपरेखा सभी आयु वर्ग के नागरिकों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई है ताकि यह बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों के लिए समान रूप से उपयोगी और सुरक्षित बन सके।
नगरपालिका परिषद चम्पावत के अधिशासी अधिकारी ने निरीक्षण के दौरान जानकारी दी कि लगभग 2600 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में फैला यह पार्क अब तक 60 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। पार्क का मुख्य प्रवेश द्वार क्षेत्रीय कला और परंपरा के अनुरूप कुमाऊंनी शैली में बनाया जा रहा है। आगंतुकों के भ्रमण के लिए यहां 100 मीटर लंबा पाथ-वे विकसित किया जा रहा है। बच्चों के मनोरंजन हेतु 120 और 150 वर्ग मीटर के दो अलग प्ले जोन तैयार किए जा रहे हैं, जिनमें स्लाइड, स्विंग और सी-सॉ जैसे आधुनिक खेल उपकरण लगाए जाएंगे।
वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पार्क में योग और व्यायाम के लिए विशेष क्षेत्र के साथ-साथ ओपन जिम की सुविधा भी प्रदान की जा रही है। इस जिम में चेस्ट प्रेस, एयर वॉकर, शोल्डर प्रेस और ट्विस्टर जैसे व्यायाम उपकरण स्थापित किए जा रहे हैं। पार्क के सौंदर्यकरण के लिए हरित क्षेत्र विकसित करने के साथ-साथ फव्वारा और पांच कलात्मक मूर्तियों की स्थापना भी की जाएगी। आगंतुकों के बैठने के लिए पार्क में 10 गार्डन बेंच लगाई जा रही हैं।
सुरक्षा और जनसुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए पार्क परिसर में 8 एलईडी स्ट्रीट लाइटें, स्वच्छ पेयजल के लिए वाटर पॉइंट और एक गार्ड रूम का निर्माण किया जा रहा है। स्थानीय आजीविका को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यहां एक सोवेनियर शॉप भी बनाई जा रही है जहां स्थानीय उत्पादों की बिक्री की जा सकेगी। जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं का पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जानी चाहिए। निरीक्षण के दौरान अधिशासी अधिकारी भरत त्रिपाठी, सिटी मैनेजर महेश चौहान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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