देहरादून। राज्य सरकार ने दिव्यांग, बुजुर्ग और दूर-दराज़ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों की दिक्कतें कम करने के लिए एक अहम पहल की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनता को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके लिए जन-जन तक सरकार अभियान के तहत टीमें सीधे लोगों के घरों तक पहुंचेंगी, शिकायतें दर्ज करेंगी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करेंगी।
सरकार का कहना है कि इस अभियान का मकसद केवल शिकायत सुनना नहीं, बल्कि निस्तारण की वास्तविकता पर ज़ोर देना है। जिन मामलों में विभागीय समन्वय की जरूरत होगी, वहां जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। खास तौर पर दिव्यांगों, बुजुर्गों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए सेवाओं को सरल और सुलभ बनाया जाएगा।
अभियान की समीक्षा बैठक में बताया गया कि अब तक हजारों शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें बड़ी संख्या का निस्तारण किया जा चुका है। शेष मामलों में समय-सीमा तय कर संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया कि लापरवाही, टालमटोल और उदासीनता बर्दाश्त नहीं होगी।
इसके साथ ही, योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचे—इस पर भी फोकस किया गया है। फील्ड स्तर पर अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी और प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। सरकार का दावा है कि इस मॉडल से प्रशासन और जनता के बीच भरोसा मजबूत होगा और समस्याओं का समाधान तेज़ी से होगा।
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