April 18, 2026

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शेयर बाजार में लौटी रौनक: सेंसेक्स 943 अंक उछला, निफ्टी ने फिर पकड़ी 25,000 की रफ्तार

Market

भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार को निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान लौटा दी। शुरुआती कारोबार में आई सुस्ती और गिरावट को पीछे छोड़ते हुए बाजार ने शानदार रिकवरी दिखाई और दिन के अंत में प्रमुख सूचकांक बड़े उछाल के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 943.52 अंक यानी 1.17 प्रतिशत की बढ़त के साथ 81,666.46 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 262.95 अंक यानी 1.06 प्रतिशत की मजबूती दिखाते हुए 25,088.40 पर बंद हुआ। इस तेजी का मुख्य कारण इन्फ्रास्ट्रक्चर, ऑटो और पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज (PSE) शेयरों में आई भारी खरीदारी रही। पिछले कुछ दिनों की अनिश्चितता के बाद बाजार का इस तरह संभलना निवेशकों के लिए राहत भरी खबर लेकर आया है।

बाजार का पूरा घटनाक्रम और बैकग्राउंड

कारोबार की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही थी। वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों के बीच बीएसई सेंसेक्स 167.26 अंक गिरकर 80,555.68 पर खुला था, वहीं निफ्टी भी 28.95 अंक की मामूली गिरावट के साथ 24,796.50 पर खुला। शुरुआती मिनटों में ऐसा लग रहा था कि बिकवाली का दबाव बना रहेगा, लेकिन जल्द ही घरेलू संस्थागत निवेशकों की सक्रियता ने बाजार का रुख बदल दिया। कुछ ही देर में सूचकांक हरे निशान में आ गए और जैसे-जैसे ट्रेडिंग आगे बढ़ी, खरीदारी की रफ्तार तेज होती गई। विशेष रूप से दोपहर के सत्र में बड़े हैवीवेट शेयरों में आई तेजी ने निफ्टी को 25,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर के ऊपर मजबूती से स्थापित कर दिया।

तेजी के मुख्य कारण और परिस्थितियाँ

बाजार में आई इस हरियाली के पीछे कई सेक्टोरल इंडेक्स का बड़ा योगदान रहा। निफ्टी इन्फ्रा में 2.26 प्रतिशत की सबसे बड़ी तेजी देखी गई। इसके साथ ही ऑटो सेक्टर (2.13 प्रतिशत), पीएसई (2.04 प्रतिशत), ऑयल एंड गैस (2.04 प्रतिशत) और मेटल (1.88 प्रतिशत) ने बाजार को ऊपर खींचने में इंजन की तरह काम किया। ऑटो सेक्टर में पैसेंजर व्हीकल्स की मांग और इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में सरकारी परियोजनाओं की गति को लेकर सकारात्मक धारणा ने निवेशकों को प्रेरित किया। हालांकि, आईटी और हेल्थकेयर सेक्टर में हल्की कमजोरी रही, जहाँ निफ्टी आईटी 0.47 प्रतिशत और हेल्थकेयर 0.08 प्रतिशत गिरकर बंद हुए। लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी बढ़त दर्ज की गई, जिससे यह साफ हुआ कि खरीदारी का दायरा काफी व्यापक था।

प्रमुख गेनर्स और लूजर्स

सेंसेक्स पैक में पावर ग्रिड, अदाणी पोर्ट्स, बीईएल (भारत इलेक्ट्रॉनिक्स), महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) और लार्सन एंड टुब्रो (L&T) जैसे शेयरों ने शानदार प्रदर्शन किया। इनके अलावा अल्ट्राटेक सीमेंट, एशियन पेंट्स, आईटीसी और टाटा स्टील जैसे दिग्गजों में भी लिवाली रही। दूसरी तरफ, कुछ बड़े निजी बैंकों और आईटी फर्मों पर दबाव देखा गया। एक्सिस बैंक, इन्फोसिस, टीसीएस, ट्रेंट, टाइटन और कोटक महिंद्रा बैंक जैसे शेयर गिरावट के साथ बंद हुए, जिससे बाजार की कुल बढ़त पर थोड़ा अंकुश लगा।

विशेषज्ञों की राय और तकनीकी विश्लेषण

एलकेपी सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे के अनुसार, एक बड़ी गिरावट के बाद निफ्टी में यह एक तकनीकी उछाल (बाउंस बैक) है। हालांकि उन्होंने आगाह किया कि व्यापक ट्रेंड अभी भी बहुत मजबूत नहीं कहा जा सकता क्योंकि इंडेक्स अभी भी 200 दिनों के मूविंग एवरेज (200 DMA) के नीचे कारोबार कर रहा है। डे का सुझाव है कि निवेशकों को फिलहाल बहुत ज्यादा आक्रामक होने के बजाय सावधानी बरतनी चाहिए। उनके विश्लेषण के मुताबिक, निफ्टी के लिए 25,200 का स्तर एक बड़ी बाधा (रेसिस्टेंस) के रूप में सामने आ रहा है, जबकि 24,900 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट की तरह काम करेगा।

आम आदमी और निवेशकों पर प्रभाव

बाजार की इस तेजी का सीधा असर आम निवेशकों के पोर्टफोलियो पर पड़ा है। पिछले हफ्ते की गिरावट से जो पूंजी कम हुई थी, उसमें से काफी हद तक रिकवरी आज के सत्र में देखने को मिली है। विशेष रूप से उन लोगों को फायदा हुआ है जिन्होंने इन्फ्रास्ट्रक्चर और सरकारी कंपनियों (PSE) के शेयरों में निवेश कर रखा है। मिडकैप और स्मॉलकैप में बढ़त यह दर्शाती है कि छोटे निवेशकों की भागीदारी वाले शेयरों में भी लिक्विडिटी लौट रही है। हालांकि, जो निवेशक आईटी सेक्टर पर ज्यादा निर्भर हैं, उनके लिए आज का दिन मिला-जुला रहा।

आगे क्या बदलेगा: बाजार की दिशा

आने वाले दिनों में बाजार की नजर पूरी तरह से वैश्विक संकेतों और घरेलू तिमाही नतीजों पर रहेगी। अगर निफ्टी 25,200 के स्तर को पार करके टिकने में सफल रहता है, तो हम एक नई रैली देख सकते हैं। लेकिन अगर विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की बिकवाली फिर से शुरू होती है, तो बाजार फिर से दबाव में आ सकता है। कच्चे तेल की कीमतें और डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल भी आगामी सत्रों के लिए दिशा निर्धारित करेगी।

निष्कर्ष (जनहित के नजरिए से)

शेयर बाजार की यह उछाल भारतीय अर्थव्यवस्था के बुनियादी ढांचे की मजबूती को दर्शाती है। भले ही वैश्विक स्तर पर उतार-चढ़ाव हो, लेकिन घरेलू मांग और सरकारी खर्च से जुड़े सेक्टर्स (जैसे इन्फ्रा और ऑटो) में निवेशकों का भरोसा बरकरार है। आम आदमी के लिए सलाह यही है कि बाजार के इस उतार-चढ़ाव में घबराने के बजाय लंबी अवधि के नजरिए से मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों में बने रहें। तकनीकी सुधार बाजार का हिस्सा हैं, और आज की तेजी ने यह साबित कर दिया है कि गिरावट के बाद बाजार में वापसी की पूरी क्षमता मौजूद है।