चंपावत

बाराकोट में जी-राम के तहत पंच सम्मेलन: योजनाओं की जानकारी, पारदर्शिता पर जोर

गीता जोशी (संपादक)प्रकाशित: 29 जुलाई 2026 | 07:55 PM22

बाराकोट में जी-राम के तहत पंच सम्मेलन: योजनाओं की जानकारी, पारदर्शिता पर जोर

चंपावत, विकासखंड बाराकोट में गुरुवार को जी-राम (ग्राम विकास अभिकरण एवं अनुश्रवण) के तहत एक महत्वपूर्ण पंच सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस आयोजन में विकासखंड के समस्त ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों और अन्य जन प्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया, जिसका उद्देश्य उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं और उनके प्रभावी क्रियान्वयन से अवगत कराना था।

सम्मेलन का उद्देश्य और भागीदारी

इस पंच सम्मेलन का मुख्य केंद्र बिंदु जी-राम के दिशा-निर्देशों और विभिन्न प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा करना रहा। खंड विकास अधिकारी अवनीश कुमार उपाध्याय ने सम्मेलन में उपस्थित पंचायत प्रतिनिधियों को ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पंचायतों की भूमिका और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के महत्व पर जोर दिया। ब्लॉक प्रमुख सीमा आर्या ने भी इस अवसर पर जन प्रतिनिधियों को उनके दायित्वों और अधिकारों के प्रति जागरूक किया।

योजनाओं की विस्तृत जानकारी

सम्मेलन के दौरान, उपस्थित प्रतिनिधियों को केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इसमें योजनाओं के उद्देश्य, पात्रता, लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया और उनके सफल क्रियान्वयन के लिए आवश्यक कदम शामिल थे। पंचायत प्रतिनिधियों को यह भी बताया गया कि वे इन योजनाओं के माध्यम से अपने-अपने क्षेत्रों में विकास को कैसे गति दे सकते हैं और स्थानीय समस्याओं का समाधान कैसे कर सकते हैं।

पारदर्शिता और समन्वय पर बल

सम्मेलन में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि विकास योजनाओं का क्रियान्वयन पूर्णतः पारदर्शी और जवाबदेही के साथ किया जाए। प्रतिनिधियों से आह्वान किया गया कि वे सक्रिय रूप से इन योजनाओं के प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन में अपनी भूमिका निभाएं। इसके अतिरिक्त, विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया, ताकि ग्रामीण विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके और संसाधनों का समुचित उपयोग सुनिश्चित हो सके।

कार्यक्रम का संचालन

कार्यक्रम का संचालन सहायक खंड विकास अधिकारी जाकिर हुसैन और एपीओ सुनील कुमार गुप्ता ने किया। उन्होंने सम्मेलन के दौरान विभिन्न विषयों पर चर्चा को सुगम बनाया और प्रतिनिधियों के प्रश्नों का उत्तर दिया। इस अवसर पर विकासखंड के समस्त कार्मिकों के साथ-साथ विभिन्न रेखीय विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे, जो योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

जनप्रतिनिधियों की भूमिका

यह पंच सम्मेलन जन प्रतिनिधियों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ, जहाँ उन्हें न केवल योजनाओं की जानकारी मिली, बल्कि ग्रामीण विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित भी किया गया। सरकार की मंशा है कि स्थानीय स्तर पर चुने गए प्रतिनिधि योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन में अग्रणी भूमिका निभाएं और यह सुनिश्चित करें कि योजनाओं का लाभ सही लाभार्थियों तक पहुंचे। इस तरह के सम्मेलन जनभागीदारी को बढ़ावा देने और ग्रामीण विकास को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।

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