चंपावत

चंपावत में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन: राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण पर जोर

गीता जोशी (संपादक)प्रकाशित: 11 अगस्त 2026 | 01:36 PM4

चंपावत में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन: राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण पर जोर

चंपावत, 11 अगस्त 2026।

चंपावत जिले में 12 सितंबर, 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस पहल का प्रमुख लक्ष्य राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों का सुलह और समझौते के माध्यम से त्वरित निस्तारण करना है।

लोक अदालत का आयोजन एवं उद्देश्य

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चंपावत के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में, आगामी 12 सितंबर, 2026 को, जो कि माह का द्वितीय शनिवार होगा, जनपद में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन संपन्न होगा। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य आम जनता को सुलभ और त्वरित न्याय प्रदान करना है, विशेष रूप से उन मामलों में जो राजस्व न्यायालयों में विचाराधीन हैं।

अधिकारियों को दिए गए निर्देश

इस संबंध में जानकारी देते हुए प्रभारी अधिकारी जिला कार्यालय, श्री कमल चंद्र तिवारी ने बताया कि राजस्व न्यायालयों में अधिक संख्या में ऐसे मामले लंबित हैं जिनका निपटारा आपसी सुलह और समझौते के आधार पर किया जा सकता है। जिलाधिकारी, श्री मनीष कुमार, द्वारा हाल ही में आयोजित की गई मॉनिटरिंग सेल की समीक्षा बैठक में इस महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा की गई और आवश्यक निर्णय लिए गए।

इन निर्णयों के अनुपालन में, समस्त उप-उपजिलाधिकारियों और तहसीलदारों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों में से अधिक से अधिक मामलों को इस आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए संदर्भित करें। यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा कि जितने अधिक संभव हो सकें, राजस्व संबंधी विवादों का समाधान इस मंच के माध्यम से हो सके।

निस्तारण और रिपोर्टिंग

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को यह भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे लोक अदालत के दिन अधिक से अधिक मामलों के सफलतापूर्वक निस्तारण को सुनिश्चित करें। यह केवल मामलों को संदर्भित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनका प्रभावी और संतोषजनक समाधान भी सुनिश्चित किया जाना है।

इसके अतिरिक्त, यह भी अनिवार्य किया गया है कि लोक अदालत के दिन जिन वादों का निस्तारण किया गया है, उनकी संपूर्ण सूचना और एक विस्तृत रिपोर्ट उसी दिन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चंपावत के कार्यालय को प्रेषित की जाए। यह त्वरित रिपोर्टिंग सुनिश्चित करेगी कि प्रक्रिया पारदर्शी रहे और आंकड़ों का संकलन समय पर हो सके। इस प्रक्रिया का अंतिम उद्देश्य आम जनता को त्वरित और प्रभावी न्याय का लाभ पहुंचाना है, जिससे न्यायिक प्रणाली पर लंबित मामलों का बोझ भी कम हो सके।

शेयर करें:WhatsAppFacebook

संबंधित ख़बरें