चंपावत

चंपावत: माँ वाराही शक्तिपीठ देवीधुरा में 23 अगस्त से शुरू होगा ऐतिहासिक असाड़ी कौतिक रक्षाबंधन बगवाल मेला–2026

गीता जोशी (संपादक)प्रकाशित: 13 अगस्त 2026 | 06:34 PM4

चंपावत: माँ वाराही शक्तिपीठ देवीधुरा में 23 अगस्त से शुरू होगा ऐतिहासिक असाड़ी कौतिक रक्षाबंधन बगवाल मेला–2026

चंपावत, 13 अगस्त, 2026

माँ वाराही शक्तिपीठ ट्रस्ट, देवीधुरा के तत्वावधान में एक ऐतिहासिक असाड़ी कौतिक रक्षाबंधन बगवाल मेला–2026 का आयोजन आगामी 23 अगस्त से 04 सितंबर 2026 तक किया जाएगा। इस वर्ष के मेले का औपचारिक उद्घाटन 23 अगस्त 2026 को प्रातः 11:00 बजे संपन्न होगा।

मेले की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी के निर्देश

मेले के भव्य और सुचारू आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों को समय से सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए पेयजल, विद्युत आपूर्ति, सफाई व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं एवं यातायात प्रबंधन में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए।

स्वास्थ्य और पेयजल आपूर्ति पर विशेष ध्यान

जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को मेले के आयोजन के दौरान 24 घंटे मेडिकल टीम और एम्बुलेंस तैनात रखने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, जल संस्थान को मेले क्षेत्र में निरंतर स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

विश्व प्रसिद्ध ‘बगवाल’ और सुरक्षा व्यवस्था

मेले का मुख्य आकर्षण, विश्व प्रसिद्ध पारम्परिक ‘बगवाल’ 28 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन के पावन पर्व पर खेला जाएगा। इस विशेष अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आगमन की उम्मीद है। जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने पुलिस और मेला प्रशासन को कानून-व्यवस्था, सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण एवं पार्किंग की चाक-चौबंद व्यवस्था करने के कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों और पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती पर विशेष जोर दिया है, ताकि सभी की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

धार्मिक परंपराएं और शिविर आयोजन

धार्मिक परंपराओं के अनुसार, 23 अगस्त को सांगी पूजन, 28 अगस्त को बगवाल पूजन, 29 अगस्त को डोले का पूजन व परिक्रमा का आयोजन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, 04 सितंबर को श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर एक भव्य झांकी निकाली जाएगी। मेले के दौरान जनसेवा के उद्देश्य से विभिन्न शिविरों का भी आयोजन किया जाएगा। इनमें 25 अगस्त को बहुउद्देश्यीय शिविर, 30 अगस्त को नेत्र शिविर और 31 अगस्त को रक्तदान शिविर शामिल हैं।

आपसी समन्वय और श्रद्धालुओं से अपील

जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से शांति और सौहार्द के साथ मेले का आनंद लेने और माँ वाराही का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की है।

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