चंपावत: जनपद चंपावत में स्थानीय आजीविका को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और पशुपालन विभाग के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस एमओयू के अंतर्गत, स्थानीय पशुपालकों द्वारा 36वीं बटालियन आईटीबीपी, लोहाघाट को 600 किलोग्राम जीवित मुर्गियों की सफल आपूर्ति की गई है।
जिलाधिकारी मनीष कुमार और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी वसुंधरा गर्ब्याल के निर्देशों पर इस आपूर्ति को अंजाम दिया गया। इस प्रक्रिया के दौरान, मुर्गियों के स्वास्थ्य परीक्षण हेतु पशुपालन विभाग से डॉक्टर दीपक द्वारा विस्तृत जांच की गई। इस जांच का मुख्य उद्देश्य गुणवत्ता और स्वास्थ्य मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करना था। इसके साथ ही, आईटीबीपी की लाइन कमेटी के सदस्यों एवं विजिलेंस टीम की उपस्थिति में गुणवत्ता की पारदर्शी जांच भी संपन्न हुई।
इस पहल के परिणामस्वरूप, स्थानीय पशुपालकों को कुल 71,400 रुपये की आय प्राप्त हुई है। यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने एवं स्वरोजगार को प्रोत्साहन देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी वसुंधरा गर्ब्याल ने बताया कि इस पहल से स्थानीय उत्पादों को एक सुनिश्चित बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है और पशुपालकों की आय में वृद्धि के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। भविष्य में भी इस प्रकार की योजनाओं के माध्यम से अधिक से अधिक ग्रामीण निवासियों को लाभ पहुँचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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