नैनीताल

मानसिक स्वास्थ्य कार्यशाला में युवाओं को तनाव प्रबंधन और योग का महत्व समझाया गया

गीता जोशी (संपादक)प्रकाशित: 10 अक्टूबर 2026 | 03:17 PMअपडेट: 10 अक्टूबर 2026 | 06:28 PM44

मानसिक स्वास्थ्य कार्यशाला में युवाओं को तनाव प्रबंधन और योग का महत्व समझाया गया

हल्द्वानी – राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर महाविद्यालय में कार्यशाला का आयोजन

युवाओं में बढ़ते मानसिक तनाव एवं योग के महत्व पर विशेषज्ञों ने रखे विचार

राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में आज इंदिरा प्रियदर्शिनी राजकीय महिला वाणिज्य महाविद्यालय, हल्द्वानी में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), नमामि गंगे, मनोविज्ञान विभाग एवं योग विभाग के संयुक्त तत्वावधान में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना तथा आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते मानसिक तनाव के कारणों एवं उनके समाधान के प्रति संवेदनशील बनाना था।

कार्यशाला में मुख्य वक्ता डॉ. सी. एस. मर्चाल ने अपने विचार व्यक्त करते हुए युवाओं में बढ़ती मानसिक तनाव की समस्याओं पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शैक्षणिक प्रतिस्पर्धा, करियर संबंधी चिंताएँ, पारिवारिक अपेक्षाएँ, सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग तथा अनियमित जीवनशैली युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच अपनाने, समय का उचित प्रबंधन करने तथा मानसिक तनाव की स्थिति में अपने परिवार, शिक्षकों एवं विशेषज्ञों से संवाद करने के लिए प्रेरित किया। मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ0 नीलम प्रहरी ने विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस की इस वर्ष की थीम के विषय में बताते हुए कहा कि हमें एक अच्छा श्रोता होना अत्यंत आवश्यक है। और बिना जजमेंट किए हम लोगों की समस्याएं सुने एवं उनका मिलकर समाधान करें।

योग विभाग की संचालिका डॉ. ज्योति चुफाल ने अपने संबोधन में मानसिक स्वास्थ्य के संरक्षण में योग, प्राणायाम एवं ध्यान की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नियमित योगाभ्यास तनाव प्रबंधन, एकाग्रता में सुधार तथा भावनात्मक संतुलन बनाए रखने में सहायक हो सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वस्थ दिनचर्या अपनाने और योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।

महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. देवकी गिरी गोस्वामी ने कार्यशाला की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी भावनाओं को समझने, कठिन परिस्थितियों का धैर्यपूर्वक सामना करने तथा स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. नीलम प्रहरी एवं गुंजन द्वारा किया गया। इस अवसर पर एनएसएस प्रभारी डॉ. हेम चंद दूबे, नमामि गंगे के नोडल अधिकारी डॉ. दिनेश जोशी, प्रोफेसर माया शुक्ला, प्रोफेसर नीता साह, डॉ. नेहा सिंह सहित महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापक उपस्थित रहे। सभी ने मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता के महत्व को स्वीकार करते हुए विद्यार्थियों के समग्र विकास में इस प्रकार की कार्यशालाओं की उपयोगिता पर बल दिया।

कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने, तनाव के लक्षणों को पहचानने, आवश्यकता पड़ने पर उचित सहायता लेने तथा योग एवं ध्यान के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया।

 

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