नैनीताल

विकसित भारत 2047 के अंतर्गत योग एवं फिटनेस कैंप का आयोजन

गीता जोशी (संपादक)प्रकाशित: 13 अक्टूबर 2026 | 02:38 PMअपडेट: 13 अक्टूबर 2026 | 02:40 PM16

विकसित भारत 2047 के अंतर्गत योग एवं फिटनेस कैंप का आयोजन
 हल्द्वानी, नैनीताल, उत्तराखंड

महाविद्यालय: इंदिरा प्रियदर्शिनी राजकीय स्नातकोत्तर महिला वाणिज्य महाविद्यालय, हल्द्वानी

विकसित भारत 2047 की संकल्पना के अंतर्गत इंदिरा प्रियदर्शिनी राजकीय स्नातकोत्तर महिला वाणिज्य महाविद्यालय, हल्द्वानी में योग विभाग, नमामि गंगे एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के संयुक्त तत्वावधान में योग एवं फिटनेस कैंप का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को योग के प्रति जागरूक करना, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना तथा शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य के महत्व से परिचित कराना था।

कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. देवकी गिरी गोस्वामी ने की। कार्यक्रम में विभिन्न कक्षाओं की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। इस दौरान छात्राओं को नियमित योगाभ्यास के माध्यम से स्वस्थ, ऊर्जावान एवं अनुशासित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

स्वस्थ शरीर और मन सर्वांगीण विकास का आधार: डॉ. देवकी गिरी गोस्वामी

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ. देवकी गिरी गोस्वामी ने स्वस्थ शरीर एवं स्वस्थ मन को व्यक्ति के सर्वांगीण विकास का आधार बताया। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ युवा पीढ़ी ही विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

उन्होंने कहा कि योग एवं व्यायाम को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर विद्यार्थी अपनी कार्यक्षमता, एकाग्रता और आत्मविश्वास में वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने छात्राओं को नियमित दिनचर्या अपनाने, शारीरिक गतिविधियों में भाग लेने तथा स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।

योगाभ्यास से परिचित हुईं छात्राएं

कार्यक्रम में योग प्राध्यापक डॉ. ज्योति चूफाल ने छात्राओं को विभिन्न योगासनों एवं योगाभ्यास की प्रक्रियाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने योग के महत्व को स्पष्ट करते हुए बताया कि नियमित योगाभ्यास शरीर को सक्रिय रखने, मानसिक तनाव कम करने, एकाग्रता बढ़ाने तथा जीवन में सकारात्मकता विकसित करने में सहायक हो सकता है।

उन्होंने छात्राओं को योगाभ्यास की सही विधि, श्वसन संबंधी अभ्यासों तथा नियमित अभ्यास के महत्व से परिचित कराया। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में पढ़ाई, प्रतियोगिताओं और डिजिटल उपकरणों के अत्यधिक उपयोग के कारण विद्यार्थियों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। ऐसी स्थिति में योग को दैनिक जीवन में शामिल करना विशेष रूप से उपयोगी है।

उन्होंने छात्राओं को अपनी शारीरिक क्षमता के अनुरूप योग करने, नियमितता बनाए रखने तथा योगाभ्यास के दौरान सही तकनीक और सावधानियों का पालन करने के लिए प्रेरित किया।

योग के विभिन्न आयामों की दी जानकारी

योग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. नमिता मिश्रा ने छात्राओं को योग के विभिन्न आयामों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने योग को केवल शारीरिक व्यायाम तक सीमित न मानते हुए इसे शरीर, मन और व्यवहार के बीच संतुलन स्थापित करने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।

उन्होंने योग के नियमित अभ्यास से होने वाले संभावित लाभों, स्वस्थ जीवनशैली के महत्व तथा विद्यार्थियों के जीवन में अनुशासन की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्राओं को योग को केवल विशेष अवसरों पर किए जाने वाले अभ्यास के रूप में न देखने और इसे अपनी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए प्रोत्साहित किया।

उनके संबोधन का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में योग के प्रति रुचि विकसित करना तथा उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना था।

विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण

कार्यक्रम में नमामि गंगे के नोडल अधिकारी डॉ. दिनेश जोशी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए युवाओं की भूमिका एवं जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति किसी भी राष्ट्र की प्रगति का महत्वपूर्ण आधार है। युवाओं का शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ होना विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए आवश्यक है।

उन्होंने छात्राओं को अपनी ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग करने, स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने हेतु प्रेरित किया।

उन्होंने यह संदेश भी दिया कि व्यक्तिगत स्वास्थ्य, सामाजिक उत्तरदायित्व और पर्यावरण के प्रति जागरूकता एक बेहतर एवं विकसित समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

छात्राओं ने उत्साहपूर्वक किया प्रतिभाग

कार्यक्रम के दौरान डॉ. ज्योति चुफाल ने योगाभ्यास की गतिविधियों का संचालन करते हुए छात्राओं को विभिन्न अभ्यासों की विधि समझाई। कार्यक्रम के संचालन में डॉ. एम. चंद दूबे की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

महाविद्यालय की विभिन्न कक्षाओं की छात्राओं ने योगाभ्यास एवं फिटनेस संबंधी गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को स्वस्थ जीवनशैली, नियमित व्यायाम, संतुलित दिनचर्या तथा योग के महत्व के संबंध में व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हुई।

इस अवसर पर डॉ. गणेश नेगी एवं प्रोफेसर नरेन कुमार जोशी सहित अन्य उपस्थित सदस्यों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।

योग एवं फिटनेस कैंप के प्रमुख उद्देश्य

कार्यक्रम के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित रहे:

  • छात्राओं में योग एवं शारीरिक फिटनेस के प्रति जागरूकता विकसित करना।
  • नियमित योगाभ्यास के महत्व से परिचित कराना।
  • मानसिक तनाव कम करने तथा एकाग्रता एवं आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए स्वस्थ दिनचर्या अपनाने हेतु प्रेरित करना।
  • विद्यार्थियों में स्वास्थ्य, अनुशासन एवं सकारात्मक जीवनशैली की भावना विकसित करना।
  • युवाओं को विकसित भारत @2047 के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका के प्रति जागरूक करना।
  • शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के महत्व को समझाना।

कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को योग की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हुई तथा उन्हें अपने दैनिक जीवन में योग एवं फिटनेस गतिविधियों को शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया।

स्वस्थ युवा पीढ़ी से विकसित भारत की परिकल्पना को मिलेगा बल

विकसित भारत @2047 के अंतर्गत आयोजित योग एवं फिटनेस कैंप महाविद्यालय की छात्राओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा। योग विभाग, नमामि गंगे एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त प्रयासों से आयोजित इस कार्यक्रम ने छात्राओं को योग के व्यावहारिक पक्ष, दैनिक जीवन में इसकी उपयोगिता तथा स्वस्थ जीवनशैली के महत्व से परिचित कराया।

कार्यक्रम ने इस विचार को सुदृढ़ किया कि स्वस्थ, जागरूक, अनुशासित एवं ऊर्जावान युवा ही विकसित भारत के निर्माण में प्रभावी योगदान दे सकते हैं। इस प्रकार योग एवं फिटनेस कैंप ने छात्राओं को व्यक्तिगत स्वास्थ्य के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका के प्रति जागरूक करने का सार्थक प्रयास किया।

समग्र रूप से कार्यक्रम ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं उपयोगी रहा।

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