अल्मोड़ा: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा आयोजित की जाने वाली आगामी बोर्ड परीक्षाओं को शांतिपूर्ण एवं सुचारू ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। परगना मजिस्ट्रेट, जैंती-भनोली, सौम्या गर्ब्याल ने जानकारी दी है कि इन परीक्षाओं के मद्देनजर परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। यह परीक्षाएं 17 फरवरी, 2026 से शुरू होकर 10 अप्रैल, 2026 तक संचालित होंगी। मुख्य रूप से, यह आदेश अटल उत्कृष्ट राजकीय इण्टर कालेज दन्या भनोली, अटल उत्कृष्ट राजकीय इण्टर कालेज पाली गुणादित्य और अटल उत्कृष्ट राजकीय इण्टर कालेज लमगड़ा में आयोजित होने वाली परीक्षाओं पर प्रभावी रहेगा।
प्रशासन ने आशंका व्यक्त की है कि सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं के दौरान कुछ असामाजिक एवं अवांछनीय तत्व सक्रिय होकर सांप्रदायिक और जातिगत भावनाओं को भड़काने का प्रयास कर सकते हैं। ऐसी गतिविधियों से लोक शांति भंग होने और सामान्य व्यवस्था में बाधा उत्पन्न होने की संभावना है। इस स्थिति से निपटने और परीक्षा के निर्बाध संचालन को सुनिश्चित करने के लिए तत्काल एवं प्रभावी निरोधात्मक उपायों की आवश्यकता को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
इसी क्रम में, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा-163 में प्रदत्त प्रावधानों के अंतर्गत निषेधाज्ञा जारी की गई है। इस धारा के तहत सार्वजनिक शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रतिबंध लगाने का अधिकार प्रशासन को प्राप्त है। जारी किए गए आदेशों का प्राथमिक उद्देश्य परीक्षा केंद्रों पर किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनुचित हस्तक्षेप को रोकना है, ताकि छात्र बिना किसी भय या व्यवधान के अपनी परीक्षाएं दे सकें।
निषेधाज्ञा के अंतर्गत, परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर की परिधि के भीतर किसी भी व्यक्ति को अस्त्र-शस्त्र, अग्नेयास्त्र, धारदार हथियार, या लाठी-डंडा लेकर चलने की अनुमति नहीं होगी। यह प्रतिबंध सार्वजनिक सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए अनिवार्य है। हालांकि, यह आदेश सुरक्षा बलों, शांति व्यवस्था ड्यूटी में लगे कार्मिकों और अर्द्धसैनिक बलों पर लागू नहीं होगा, क्योंकि वे अपनी आधिकारिक जिम्मेदारियों के निर्वहन के लिए इन वस्तुओं को रखने के लिए अधिकृत हैं।
इसी प्रकार, परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। यह सुनिश्चित करने के लिए है कि परीक्षा क्षेत्र में केवल अधिकृत व्यक्ति ही मौजूद हों। इस नियम से परीक्षार्थियों, शांति व्यवस्था में तैनात पुलिस बल और परीक्षा केंद्र पर ड्यूटी में तैनात प्राधिकृत व्यक्तियों को छूट दी गई है, क्योंकि उनका प्रवेश परीक्षा प्रक्रिया का एक आवश्यक हिस्सा है।
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से, परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर की परिधि के भीतर ईंट, पत्थर, रोड़े या फेंक कर मारी जाने वाली किसी भी वस्तु का एकत्रित करना या करवाना भी पूरी तरह से वर्जित किया गया है। यह प्रावधान संभावित हिंसक गतिविधियों या पथराव को रोकने के लिए किया गया है, ताकि परीक्षा का माहौल सुरक्षित और शांतिपूर्ण बना रहे।
इसके अतिरिक्त, परीक्षा केंद्रों से 100 गज के आसपास के क्षेत्र में, पांच या इससे अधिक व्यक्तियों को झुंड बनाकर एक स्थान पर एकत्रित होने की अनुमति नहीं होगी, विशेषकर यदि उनका उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को किसी भी रूप में प्रभावित करना हो। बिना किसी पूर्व अनुमति के, परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग और किसी भी प्रकार के भाषण देना भी प्रतिबंधित रहेगा, जिससे छात्रों की एकाग्रता भंग न हो।
यह निषेधाज्ञा 17 फरवरी, 2026 से लेकर 10 अप्रैल, 2026 तक की सभी परीक्षा तिथियों पर, परीक्षा प्रारंभ होने से लेकर परीक्षा समाप्त होने तक प्रभावी रहेगी। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि आवश्यक हुआ, तो इस आदेश को इसकी निर्धारित अवधि से पहले भी निरस्त किया जा सकता है। परगना मजिस्ट्रेट ने चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति इन आदेशों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसका यह कृत्य भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के अंतर्गत एक दंडनीय अपराध माना जाएगा, जिसके लिए नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने सभी नागरिकों से शांति और सहयोग बनाए रखने की अपील की है।
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