नैनीताल

नैनीताल में सुखाताल झील की स्वच्छता और वृक्षारोपण अभियान का आयोजन

गीता जोशी (संपादक)23 जुलाई 2026 | 10:37 PM1

नैनीताल में सुखाताल झील की स्वच्छता और वृक्षारोपण अभियान का आयोजन

नैनीताल, 23 जुलाई 2026

उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के संयुक्त तत्वावधान में आज सुखाताल, नैनीताल में एक महत्वपूर्ण स्वच्छता अभियान एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सुखाताल झील और उसके आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ और पर्यावरण की दृष्टि से बेहतर बनाना था।

झील की दयनीय स्थिति पर चिंता

कार्यक्रम के दौरान, उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव श्री प्रदीप मणि त्रिपाठी ने सुखाताल झील की वर्तमान दयनीय स्थिति, पर्यावरणीय क्षरण और प्रशासनिक उपेक्षा पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि झील की अव्यवस्थित स्थिति के संबंध में 30 जून 2026 को ही अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका नैनीताल को एक पत्र प्रेषित किया गया था, जिसकी प्रतिलिपि जिलाधिकारी, नैनीताल को भी भेजी गई थी। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि झील के चारों ओर स्थित पैदल मार्ग तथा सटे क्षेत्रों में प्लास्टिक की बोतलें, खाद्य पदार्थों के रैपर, डिस्पोजेबल सामग्री और अन्य गैर-जैव अपघटनीय कचरा बिखरा हुआ है, जिससे क्षेत्र की स्वच्छता और रखरखाव की स्थिति अत्यंत असंतोषजनक पाई गई।

नागरिक सुविधाओं का अभाव और असामाजिक तत्वों की सक्रियता

श्री त्रिपाठी ने यह भी अवगत कराया कि आगंतुकों की सुविधा हेतु स्थापित सार्वजनिक बेंचों का उपयोग शाम के समय असामाजिक तत्वों द्वारा शराब और अन्य मादक पदार्थों के सेवन के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सुखाताल झील की वर्तमान स्थिति उन प्राधिकारियों के वैधानिक दायित्वों के निर्वहन पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है, जिन्हें इसके संरक्षण और अनुरक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह स्पष्ट है कि सार्वजनिक धन का व्यय होने के बावजूद, इन परिसंपत्तियों का नियमित रखरखाव, प्रभावी निरीक्षण और उत्तरदायित्व निर्धारण का अभाव है।

कार्रवाई की आवश्यकता पर बल

यह रेखांकित किया गया कि करदाताओं के धन से निर्मित सार्वजनिक परिसंपत्तियों को प्रशासनिक निष्क्रियता के कारण नष्ट होने नहीं दिया जा सकता। जहाँ कहीं भी लापरवाही, कर्तव्यहीनता अथवा पर्यवेक्षण में विफलता पाई जाती है, वहाँ उत्तरदायित्व निर्धारित कर संबंधित अधिकारियों अथवा एजेंसियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्यवाही किया जाना आवश्यक है।

स्वच्छता अभियान और वृक्षारोपण

माननीय कार्यपालक अध्यक्ष, उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल महोदय के आदेशानुसार, सुखाताल झील परिसर की स्वच्छता के लिए एक व्यापक अभियान चलाया गया। इस अभियान में विभिन्न विद्यालयों के छात्रों, झील विकास प्राधिकरण, नैनीताल, और नगरपालिका परिषद, नैनीताल के सहयोग से उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल द्वारा यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।

अभियान के दौरान, सुखाताल झील तथा उसके आसपास के क्षेत्र से प्लास्टिक, कांच की बोतलें, प्लास्टिक की बोतलें व अन्य कूड़ा एकत्र कर सफाई अभियान चलाया गया। इस स्वच्छता अभियान के पश्चात, पर्यावरण संरक्षण के महत्व को समझते हुए वृक्षारोपण भी किया गया।

सहभागिता और संकल्प

कार्यक्रम में लगभग 350 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। श्री हर्ष यादव, विशेष कार्य अधिकारी, पारुल थपलियाल, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल, झील विकास प्राधिकरण नैनीताल, श्री रोहिताश, अधिशासी अभियंता, नगर पालिका नैनीताल, एवं श्रीमती सरस्वती खेतवाल, अध्यक्ष, नगर पालिका, तथा विभिन्न विद्यालयों जैसे मोहन लाल साह बालिका विद्या मन्दिर, भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय, के.एल. साह नगर पालिका ट्रस्ट बालिका इंटर कॉलेज एशडेल, अटल उत्कृष्ट आदर्श राजकीय बालिका इंटर कॉलेज तल्लीताल, शहीद मेजर राजेश अधिकारी राजकीय इंटर कॉलेज तल्लीताल के छात्रों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इसके अतिरिक्त, नगर पालिका के स्वच्छक कर्मचारी, वन विभाग नैनीताल, जिले के समस्त पी0एल0वी0/अधिकार मित्र व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के समस्त कर्मचारीगणों ने भी स्वच्छता हेतु श्रमदान किया।

सभी प्रतिभागियों ने मिलकर यह संकल्प लिया कि “ना गंदगी करेंगे, ना किसी को करने देंगे”, और अपने शहर को एक स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर स्थान बनाने की दिशा में योगदान देंगे।

शेयर करें:WhatsAppFacebook

संबंधित ख़बरें