April 21, 2026

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जनगणना 2027 को लेकर दिशा-निर्देश जारी, दो चरणों में संपन्न होगी प्रक्रिया

चम्पावत: जिलाधिकारी एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी मनीष कुमार ने आगामी जनगणना 2027 को सफल बनाने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा निर्धारित रूपरेखा के अनुसार यह महत्वपूर्ण कार्य जनगणना अधिनियम 1948 और जनगणना नियम 1990 के प्रावधानों के तहत दो अलग-अलग चरणों में पूरा किया जाएगा। इस राष्ट्रीय अभियान के सुचारू संचालन के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

जनगणना के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण और भवनों की गणना का कार्य किया जाएगा। उत्तराखंड में यह प्रक्रिया 25 अप्रैल से शुरू होकर 24 मई 2026 तक संचालित की जाएगी। इस दौरान नियुक्त किए गए प्रगणक घर-घर जाकर आवश्यक जानकारी एकत्रित करेंगे। आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस बार नागरिकों को स्व-गणना का विकल्प भी प्रदान किया जाएगा। यह डिजिटल सुविधा वास्तविक गणना प्रक्रिया प्रारंभ होने से 15 दिन पूर्व उपलब्ध कराई जाएगी।

दूसरे चरण के अंतर्गत फरवरी 2027 में मुख्य जनसंख्या गणना का कार्य किया जाएगा। इस चरण में प्रत्येक नागरिक से संबंधित विस्तृत सामाजिक, आर्थिक और जनसांख्यिकीय आंकड़ों का संकलन होगा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनगणना के इन आंकड़ों के आधार पर ही भविष्य की विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं का खाका तैयार किया जाता है। सरकारी नीतियों के निर्धारण और निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन की प्रक्रिया में भी यह आंकड़े आधारशिला के रूप में कार्य करते हैं।

कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना अधिनियम की धारा 15 के तहत नागरिकों द्वारा उपलब्ध कराई गई समस्त जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। इन आंकड़ों का उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए ही किया जा सकता है। प्रत्येक नागरिक का यह वैधानिक दायित्व है कि वह पूछे गए सवालों के सटीक और स्पष्ट उत्तर प्रदान करे। साथ ही, गणना के लिए नियुक्त अधिकारियों को परिसर में प्रवेश देने और आवश्यक चिन्हांकन कार्य करने की अनुमति देना अनिवार्य है।

प्रशासन ने सचेत किया है कि जनगणना के सरकारी कार्य में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न करना या जानबूझकर भ्रामक जानकारी देना अधिनियम की धारा 11 के अंतर्गत एक दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। जिलाधिकारी ने जनपद के समस्त निवासियों से इस राष्ट्रीय महत्व के अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि सही और सटीक जानकारी प्रदान करके ही राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा सकती है।