आपदा प्रबंधन मॉक अभ्यास: जिलाधिकारी ने टेबल टॉप एक्सरसाइज में परखी तैयारियां
गीता जोशी (संपादक)प्रकाशित: 13 मार्च 2026 | 11:52 AM8

बागेश्वर: 17 मार्च को प्रस्तावित मॉक अभ्यास की तैयारियों की समीक्षा की गई। गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे की अध्यक्षता में एक टेबल टॉप एक्सरसाइज का आयोजन हुआ। इस दौरान जनपद में संभावित आपदा परिदृश्यों पर गहन चर्चा की गई और उनकी विस्तृत जानकारी जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की गई।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आपदा की स्थिति अप्रत्याशित हो सकती है। इसलिए, अभ्यास के दौरान सभी अधिकारी रचनात्मकता और कल्पनाशीलता का उपयोग करते हुए संभावित परिस्थितियों का आकलन करें। साथ ही, अपनी कार्यक्षमता का परीक्षण भी करें। उन्होंने आगे कहा कि यह अभ्यास किसी भी संकट की घड़ी में टीम के रूप में सामूहिक क्षमता और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की जांच करने का महत्वपूर्ण अवसर है।
जिलाधिकारी ने इंसिडेंट कमांडर की भूमिका पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आपदा की स्थिति में त्वरित निर्णय लेने और बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए इंसिडेंट कमांडर की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों, तहसीलों और थानों को निर्देश दिए कि वे अपने स्तर पर उपलब्ध आवश्यक संसाधनों और उपकरणों की गहन जांच करें। साथ ही, इन संसाधनों की एक विस्तृत सूची जिला आपदा प्रबंधन विभाग को जल्द से जल्द उपलब्ध कराएं। संचार व्यवस्था को भी और अधिक मजबूत बनाने पर जोर दिया गया, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में कोई संचार अंतराल न रहे।
उन्होंने यह भी कहा कि इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम से जुड़ी सभी टीमों को अपने-अपने दायित्वों और जिम्मेदारियों की पूरी जानकारी होनी चाहिए। इससे आपदा की स्थिति में राहत और बचाव कार्यों को त्वरित एवं प्रभावी तरीके से संचालित किया जा सकेगा।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि जनपद के बागेश्वर, गरुड़, कांडा और कपकोट क्षेत्रों में मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा। इस अभ्यास के दौरान भूकंप, भूस्खलन, वनाग्नि तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसे विभिन्न आपदा परिदृश्यों पर केंद्रित अभ्यास किए जाएंगे। साथ ही, इस दौरान वायरलेस संचार प्रणाली के उपयोग का प्रशिक्षण भी टीमों को प्रदान किया गया।
जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि मॉक अभ्यास के समय आमजन को सूचित करने के उद्देश्य से सायरन बजाया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से स्पष्ट अपील की कि यह केवल एक अभ्यास का हिस्सा होगा, इसलिए उन्हें किसी भी प्रकार से घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।
जिलाधिकारी ने जोर देते हुए कहा कि इस तरह के नियमित अभ्यास आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में सहायक होते हैं। यह राहत और बचाव कार्यों को अधिक त्वरित और प्रभावी ढंग से संचालित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस बैठक में अपर जिलाधिकारी एन. एस. नबियाल, उपजिलाधिकारी प्रियंका रानी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल, जिला विकास अधिकारी संगीता आर्या, पुलिस उपाधीक्षक अजय साह सहित कई अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
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