बागेश्वर

बाल संरक्षण पर जिला स्तरीय बैठक: ड्रॉपआउट, बाल विवाह और शारीरिक दंड पर विशेष जोर

गीता जोशी (संपादक)प्रकाशित: 22 अक्टूबर 2026 | 04:45 PM3

बाल संरक्षण पर जिला स्तरीय बैठक: ड्रॉपआउट, बाल विवाह और शारीरिक दंड पर विशेष जोर

बागेश्वर, बाल अधिकारों के संरक्षण, मिशन वात्सल्य योजना, बाल विवाह की रोकथाम और बच्चों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मामलों की गहन समीक्षा के लिए जिला अधिकारी अपूर्वा पाण्डे की अध्यक्षता में एक अम्ब्रेला समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में शिक्षा विभाग को स्कूल छोड़ने वाले बच्चों (ड्रॉपआउट) की पहचान कर उनके कारणों सहित विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में यह तय किया गया कि विद्यालयों में बच्चों को दिए जाने वाले शारीरिक दंड के मामलों की जांच के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, बाल कल्याण समिति (CWC) और उपजिलाधिकारी की एक संयुक्त निरीक्षण समिति गठित की जाएगी। जिलाधिकारी ने विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा और एक अनुकूल वातावरण बनाए रखने पर विशेष बल दिया।

पॉक्सो मामलों में संवेदनशीलता से कार्रवाई

पॉक्सो (POCSO) अधिनियम से संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए, जिलाधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि पीड़ित बच्चों को अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े और उनकी गोपनीयता तथा गरिमा का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को ऐसे मामलों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

ड्रॉपआउट बच्चों को पुनः शिक्षा की मुख्यधारा में लाने पर निर्देश

जिलाधिकारी ने विद्यालय छोड़ चुके बच्चों (ड्रॉपआउट) को चिह्नित करने, उनके स्कूल छोड़ने के कारणों का पता लगाने और उन्हें पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के निर्देश दिए। शिक्षा विभाग को प्रत्येक ड्रॉपआउट बच्चे की स्थिति, स्कूल छोड़ने के कारणों और आगे की कार्ययोजना सहित एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।

बाल विवाह रोकथाम और किशोर न्याय

बैठक में बाल कल्याण समिति और किशोर न्याय बोर्ड के तहत किशोर न्याय अधिनियम, 2015 से संबंधित मामलों की त्रैमासिक समीक्षा की गई। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग को बाल विवाह से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा करने और रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।

शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान ड्रॉपआउट बच्चों के साथ-साथ दिव्यांग बच्चों के चिह्नीकरण और विद्यालयों में शारीरिक दंड से संबंधित मामलों पर भी चर्चा हुई। स्वास्थ्य विभाग को पॉक्सो पीड़ित बच्चों की स्वास्थ्य परीक्षण प्रक्रिया की समीक्षा करने तथा जिला चिकित्सालय में नशे में लिप्त बच्चों के लिए विशेष कक्ष आरक्षित करने जैसी व्यवस्थाओं पर कार्यवाही के निर्देश दिए गए।

विभिन्न विभागों को बाल संरक्षण के लिए समन्वय का निर्देश

जिलाधिकारी ने श्रम, पुलिस, पंचायतीराज सहित संबंधित विभागों को बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों के गठन की समीक्षा करने, नाबालिग बच्चों द्वारा यातायात नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी कार्रवाई करने और जनपद में नशे के हॉटस्पॉट क्षेत्रों को चिह्नित कर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी हितधारक विभागों को संयुक्त जागरूकता कार्यक्रमों के लिए कार्ययोजना तैयार कर आपसी समन्वय से काम करने को कहा।

मिशन वात्सल्य योजना के तहत, जिला बाल कल्याण समिति द्वारा संस्तुत 12 बच्चों को स्पॉन्सरशिप योजना का लाभ प्रदान करने के प्रस्ताव को जिला प्रवर्तक एवं देखभाल अनुमोदन समिति द्वारा अनुमोदित किया गया। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों से बाल अधिकारों के संरक्षण और बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए आपसी समन्वय से प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, डीपीओ, एआरटीओ, जिला आबकारी अधिकारी, सीओ बागेश्वर, एसीएमओ, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, सीडब्लूसी सदस्य और अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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