अल्मोड़ा

अल्मोड़ा में मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण का शुभारंभ, स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा

गीता जोशी (संपादक)प्रकाशित: 29 अगस्त 2026 | 07:00 PM10

अल्मोड़ा में मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण का शुभारंभ, स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा

अल्मोड़ा, खबर। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी), हवालबाग, अल्मोड़ा में 10 दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार के नवीन अवसर प्रदान करना तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन

इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन संयुक्त रूप से ग्राम प्रधान सुरेंद्र सिंह मटियानी, एनआरएलएम (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) के एरिया कोऑर्डिनेटर कमल जोशी और आरसेटी के फैकल्टी हरीश सती द्वारा किया गया। उद्घाटन समारोह में संस्थान के अधिकारीगण, प्रशिक्षक और प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।

आत्मनिर्भरता का आह्वान

कार्यक्रम के उद्घाटन के अवसर पर, सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण का पूर्ण लाभ उठाने और मशरूम उत्पादन के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि प्रशिक्षण के पश्चात मशरूम की खेती एक व्यवहार्य रोजगार का जरिया बन सकती है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। यह प्रशिक्षण विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा जो कम पूंजी में एक सफल व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं।

प्रशिक्षण का पाठ्यक्रम

इस 10 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन से संबंधित सभी महत्वपूर्ण पहलुओं का गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण को दो मुख्य भागों में विभाजित किया गया है: तकनीकी प्रशिक्षण और सामान्य उद्यमिता प्रशिक्षण।

तकनीकी प्रशिक्षण के अंतर्गत, प्रतिभागियों को मशरूम की विभिन्न प्रजातियों की खेती, बीज (स्पॉन) तैयार करना, माध्यम (सब्सट्रेट) तैयार करने की विधियाँ, वातावरण का नियंत्रण (तापमान, आर्द्रता), रोग एवं कीट प्रबंधन, कटाई, छंटाई और पैकेजिंग जैसी महत्वपूर्ण तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया जाएगा। यह प्रशिक्षण यादवेंद्र शाह द्वारा संचालित किया जाएगा, जो इस क्षेत्र के अनुभवी विशेषज्ञ हैं।

सामान्य उद्यमिता प्रशिक्षण के तहत, प्रतिभागियों को व्यवसाय योजना बनाने, विपणन (मार्केटिंग) की रणनीतियाँ, लागत एवं लाभ का विश्लेषण, सरकारी योजनाओं की जानकारी, वित्तीय प्रबंधन और स्वरोजगार से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण व्यावसायिक कौशल सिखाए जाएंगे। यह सत्र हरीश सती द्वारा लिया जाएगा, जो उद्यमिता विकास के विशेषज्ञ हैं।

रोजगार और आजीविका के अवसर

मशरूम उत्पादन को एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में बढ़ावा देने के लिए यह प्रशिक्षण कार्यक्रम विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। अल्मोड़ा जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में, जहाँ पारंपरिक कृषि के साथ-साथ अन्य आय स्रोतों की आवश्यकता होती है, मशरूम की खेती एक उत्कृष्ट विकल्प साबित हो सकती है। कम भूमि की आवश्यकता और साल भर उत्पादन की संभावना इसे छोटे और मध्यम स्तर के उद्यमियों के लिए आकर्षक बनाती है। प्रशिक्षण के अंत में, प्रतिभागियों को न केवल तकनीकी ज्ञान प्राप्त होगा, बल्कि वे अपना स्वयं का मशरूम उत्पादन व्यवसाय स्थापित करने के लिए भी सक्षम होंगे।

भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान लगातार इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन कर स्थानीय युवाओं को सशक्त बनाने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

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