नई दिल्ली:
भूटान से लौटने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक्शन मोड में नज़र आए। उन्होंने सबसे पहले एलएनजेपी अस्पताल जाकर दिल्ली ब्लास्ट में घायल लोगों से मुलाकात की और उनकी हालत की जानकारी ली। इसके बाद प्रधानमंत्री ने केंद्रीय मंत्रिमंडल की सुरक्षा समिति (CCS) की अत्यावश्यक बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और एनएसए अजीत डोभाल समेत शीर्ष सुरक्षा अधिकारी शामिल रहे।
बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया को बताया कि सरकार ने औपचारिक रूप से दिल्ली ब्लास्ट को “आतंकी हमला” घोषित किया है। उन्होंने कहा —
“केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 10 नवंबर को लाल किले के पास हुई इस जघन्य आतंकवादी घटना की कड़ी निंदा करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया है और पीड़ितों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है।”
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह हमला राष्ट्र-विरोधी ताकतों द्वारा अंजाम दिया गया है, और देश ऐसी घटनाओं के प्रति ‘शून्य सहनशीलता’ (Zero Tolerance Policy) अपनाएगा।
केंद्र ने जांच एजेंसियों को अत्यंत तत्परता व पेशेवर ढंग से जांच करने के निर्देश दिए हैं, ताकि अपराधियों, उनके सहयोगियों और प्रायोजकों की जल्द पहचान कर उन्हें न्याय के कठघरे में लाया जा सके।
सूत्रों के अनुसार, एनआईए (NIA) और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) इस केस में संयुक्त रूप से काम कर रहे हैं। राजधानी दिल्ली में सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम बढ़ा दिए गए हैं और सभी संवेदनशील इलाकों में रेड अलर्ट जारी है।
👉 प्रमुख बिंदु:
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पीएम मोदी ने घायलों से अस्पताल में मुलाकात की
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CCS बैठक में लिया गया अहम फैसला
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दिल्ली धमाका घोषित हुआ आतंकी घटना
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जांच होगी प्रोफेशनल और त्वरित स्तर पर
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सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया
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