दिल्ली– NCR में बढ़ते प्रदूषण स्तर ने सरकार को कड़े कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है। राजधानी में GRAP स्टेज-3 लागू होने के बाद दिल्ली सरकार ने निजी कार्यालयों के लिए महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। इसके तहत निजी कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि 50 फीसदी कर्मचारी ही ऑफिस में आएंगे, बाकी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम कराया जाए।
सरकार का मानना है कि यह निर्णय एहतियात के तौर पर लिया गया है जिससे:
- शहर में वाहनों की संख्या में कमी आएगी
- प्रदूषण का स्तर नियंत्रित होगा
- और लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर कम पड़ेगा
पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि GRAP-3 के दौरान दिल्ली सरकार का फोकस मुख्य रूप से साफ हवा, पब्लिक हेल्थ और रियल टाइम मॉनिटरिंग पर है। सरकार लगातार हालात पर नजर रख रही है और बच्चों, बुजुर्गों और संवेदनशील समूहों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है।
पहले ही दिल्ली सरकार ने सरकारी दफ्तरों के लिए अलग-अलग टाइमिंग लागू कर दी है:
- MCD कार्यालय: सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक
- दिल्ली सरकार के कार्यालय: सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक
इन अलग-अलग समय वाली व्यवस्था से पीक ट्रैफिक कम होने और प्रदूषण के स्तर में कमी आने की उम्मीद है। यह व्यवस्था फरवरी तक जारी रहेगी।
- प्रदूषण नियंत्रण की निगरानी तेज
सरकार और एजेंसियों ने अब तक:
✔ 1,200 से अधिक निर्माण स्थलों व उद्योगों का निरीक्षण किया
✔ 200 से अधिक को शो कॉज नोटिस जारी
✔ 50 साइट्स को तुरंत बंद कराने के आदेश
✔ 2,000 से ज्यादा प्रवर्तन कर्मी 24 घंटे मैदान में सक्रिय - ट्रैफिक पुलिस की बड़ी कार्रवाई
14 अक्टूबर से 18 नवंबर तक GRAP चरण 1 और 2 के दौरान पीयूसी प्रमाणपत्र उल्लंघन पर 84,981 चालान जारी किए, जिनसे 84.98 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया। प्रत्येक चालान पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
🌫 हालात अभी गंभीर हैं, लेकिन सरकार और एजेंसियां तेजी से काम कर रही हैं। जनता से भी अपील है कि वे प्रदूषण नियंत्रण में सहयोग करें, मास्क पहनें और गैरज़रूरी वाहनों का उपयोग कम करें।
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