देहरादून -: मुख्य बिंदु
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महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग, उत्तराखण्ड ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को उनकी सेवा के बाद एकमुश्त वित्तीय सहायता देने का प्रस्ताव तैयार किया है।
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प्रस्तावित राशि: 10 वर्ष की सेवा के बाद लगभग ₹ 1.62 लाख तक, और 30 वर्ष की सेवा के बाद लगभग ₹ 4.32 लाख तक।
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इस योजना के तहत लगभग 38,000 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएँ लाभान्वित होंगी।
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प्रस्तावित प्रावधानों में यह है कि कार्यकर्ता द्वारा प्रत्येक माह पहले ₹ 100 के स्थान पर ₹ 300 का अंशदान देना होगा और “आंगनबाड़ी कर्मचारी कल्याण कोष” में राशि बढ़ाने का सुझाव है।
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यह योजना विधिमय रूप से अभी स्वीकृत नहीं हुई है — यह एक प्रस्ताव है जिसे विभाग ने शासन को भेजा है और संगठन से विचार-विमर्श किया जा रहा है।
✅ क्यों यह महत्वपूर्ण
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाएं अक्सर असंगठित वर्कर कैटेगरी में होती हैं — इस तरह की एकमुश्त धनराशि से उन्हें सेवा समाप्ति पर आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।
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राज्य में महिलाओं व बाल विकास कार्यों से जुड़े ऐसे कार्यकर्ताओं के लिए यह मान्यता व सम्मान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
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प्रस्तावित अंशदान वृद्धि व कोष के विस्तार से यह संकेत मिलता है कि राज्य सरकार इस क्षेत्र को लंबे समय के लिए समर्पित रूप से देखना चाहती है।
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