मुख्यमंत्री धामी ने पिथौरागढ़ के ऐतिहासिक हिलजात्रा महोत्सव को किया संबोधित, बाबा गंगनाथ मंदिर के सौंदर्यीकरण की घोषणा
गीता जोशी (संपादक)प्रकाशित: 24 अगस्त 2026 | 07:41 PM13

पिथौरागढ़, 24 अगस्त 2026
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास से पिथौरागढ़ में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक हिलजात्रा महोत्सव को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने प्रदेशवासियों, विशेषकर पिथौरागढ़ की जनता को हिलजात्रा पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने ग्राम जाखनी स्थित बाबा गंगनाथ मंदिर के सौंदर्यीकरण की घोषणा भी की।
हिलजात्रा: आस्था, विश्वास और सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हिलजात्रा उत्तराखंड की समृद्ध लोक परंपराओं, आस्था और सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण पर्व है। यह पर्व घर-घर में मां गौरा और भगवान महेश्वर की पारंपरिक पूजा के साथ सातू-आठू पर्व से शुरू होने वाली भक्ति धारा का प्रतीक है, जो सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और शांति की कामना करता है।
उन्होंने बताया कि 500 वर्षों से अधिक समय से मनाया जा रहा हिलजात्रा पर्व पिथौरागढ़ की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं की एक विशिष्ट पहचान बन चुका है। यह ऐतिहासिक हिलजात्रा न केवल सोरघाटी की पहचान है, बल्कि यह हमारी आस्था, विश्वास और समृद्ध परंपराओं का प्रतीक होने के साथ-साथ पहाड़ी जीवन के संघर्ष, साधना और कृषि-पशुपालन पर आधारित ग्रामीण जीवन की विशिष्टताओं को भी दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि हिलजात्रा केवल एक धार्मिक अथवा पारंपरिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह हमारे सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन का एक अभिन्न हिस्सा है। यह पर्व हमें अपने पूर्वजों की महान परंपराओं, आदर्शों और वीरता का स्मरण कराने के साथ-साथ हमारी सांस्कृतिक जड़ों से भी जोड़ता है। पर्व में भगवान शिव के गण लखिया भूत का आगमन सुख, समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है।
उत्तराखंड का विकास और सांस्कृतिक पुनरुत्थान
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन में उत्तराखंड विकास, विरासत और विश्वास के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि केदारखंड की तर्ज पर मानसखंड के पौराणिक मंदिरों के पुनरुत्थान, संरक्षण और सौंदर्यीकरण के कार्य तेजी से आगे बढ़ाए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर, हरिपुर यमुना कॉरिडोर, गोल्ज्यू कॉरिडोर, विवेकानंद कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स के माध्यम से प्रदेश की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को भव्य स्वरूप प्रदान किया जा रहा है।
पर्यटन और ग्रामीण विकास को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन को केवल तीर्थाटन तक सीमित नहीं रखना चाहती। उत्तराखंड को पर्यटन के विभिन्न क्षेत्रों में वैश्विक पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। आज उत्तराखंड वेडिंग डेस्टिनेशन, एडवेंचर टूरिज्म और फिल्म शूटिंग के पसंदीदा केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का एक बड़ा संकल्प गांवों की खुशहाली है। इसी उद्देश्य से होम-स्टे योजना, लखपति दीदी और सौर स्वरोजगार योजना को गांव-गांव तक पहुंचाया जा रहा है। वहीं, ‘एक जनपद-दो उत्पाद’ और ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ के माध्यम से पहाड़ के हुनर और स्थानीय उत्पादों को देश-दुनिया में पहचान दिलाने का कार्य किया जा रहा है।
सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और युवाओं की भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि उत्तराखंड के पारंपरिक पर्व, मेले और त्योहार अपनी मूल पहचान एवं सांस्कृतिक स्वरूप के साथ आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित और संरक्षित रहें। इसी क्रम में ग्राम जाखनी, पिथौरागढ़ स्थित बाबा गंगनाथ मंदिर के सौंदर्यीकरण की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने युवा पीढ़ी का आह्वान करते हुए कहा कि हिलजात्रा जैसे पर्व युवाओं को अपनी संस्कृति और परंपराओं से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने युवाओं से अपनी सांस्कृतिक विरासत के महत्व को समझने और उसे भव्य स्वरूप प्रदान करने के सरकार के ‘विकल्प रहित संकल्प’ को सिद्धि तक पहुंचाने में योगदान देने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने अंत में सभी को हिलजात्रा पर्व की पुनः शुभकामनाएं देते हुए कामना की कि यह पावन पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और आनंद लेकर आए।
इस कार्यक्रम में विधायक श्री बिशन सिंह चुफाल, जिला पंचायत अध्यक्ष जितेंद्र प्रसाद, मेयर पिथौरागढ़ कल्पना देवलाल, सहित अन्य जनप्रतिनिधि, जिलाधिकारी आशीष भटगांई, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रहलाद कोंडे, मुख्य विकास अधिकारी डॉ दीपक सैनी, जनपद स्तरीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
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