पिथौरागढ़

पिथौरागढ़ में जिला उद्योग मित्र और निर्यात प्रोत्साहन समिति की बैठकें संपन्न, उद्यमियों की समस्याओं पर हुआ समाधान

गीता जोशी (संपादक)प्रकाशित: 25 अगस्त 2026 | 04:31 PM6

पिथौरागढ़ में जिला उद्योग मित्र और निर्यात प्रोत्साहन समिति की बैठकें संपन्न, उद्यमियों की समस्याओं पर हुआ समाधान

पिथौरागढ़, 25 अगस्त 2026

जिला उद्योग मित्र की एक महत्वपूर्ण बैठक आज पिथौरागढ़ कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी आशीष भटगांई की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक में सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से प्राप्त होने वाले आवेदनों की प्रगति और विभिन्न उद्यमियों से जुड़े प्रकरणों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक के दौरान यह जानकारी दी गई कि सिंगल विंडो सिस्टम के तहत प्राप्त सभी आवेदनों का सफलतापूर्वक निस्तारण कर दिया गया है। जिलाधिकारी ने इस संबंध में अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए कि भविष्य में किसी भी आवेदन को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए, और किसी भी आवेदक को असुविधा का सामना न करना पड़े तथा उन्हें अनावश्यक रूप से विभिन्न कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

मिनी औद्योगिक आस्थान बिण में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना पर चर्चा

बैठक में मिनी औद्योगिक आस्थान बिण में स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाइयों के संबंध में भी अहम बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान उद्यमियों ने अपनी-अपनी समस्याओं और चुनौतियों को जिलाधिकारी के समक्ष रखा। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी उद्यमी को किसी भी प्रकार की सुविधा से अनावश्यक रूप से वंचित न रखा जाए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विभागीय अधिकारी आपसी समन्वय स्थापित करते हुए उद्यमियों की समस्याओं का शीघ्र और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करें। उद्यमियों द्वारा मुख्य रूप से फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) और जलापूर्ति से संबंधित समस्याओं को उठाया गया, जिसके समाधान हेतु जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।

जिला निर्यात प्रोत्साहन समिति की बैठक और निर्यात नीति पर मंथन

इसी के साथ, जिला निर्यात प्रोत्साहन समिति की एक अन्य महत्वपूर्ण बैठक भी आयोजित की गई। इस बैठक में उत्तराखंड निर्यात प्रोत्साहन नीति के विभिन्न प्रावधानों और उनके कार्यान्वयन पर गहन चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने इस नीति के अनुरूप जनपद में कार्य किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि निर्यात के दायरे में आने वाले उत्पादों की पैदावार, उनकी प्रोसेसिंग और मार्केटिंग आदि पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।

मेडिसिनल और सगंध फसलों के उत्पादन पर जोर

जिलाधिकारी ने विशेष रूप से जनपद में मेडिशनल (औषधीय) और सगंध (सुगंधित) फसलों के उत्पादन को बढ़ाने पर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस दिशा में किया गया कार्य जनपद के किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ क्षेत्र की आर्थिकी के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो सकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद की विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितियों के अनुकूल पैदा होने वाली फसलों के संबंध में एक दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि स्थायी विकास सुनिश्चित हो सके।

बैठक में महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र, कविता भगत, सहित अन्य विभागीय अधिकारीगण और विभिन्न उद्यमी भी उपस्थित रहे।

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