पिथौरागढ़

पिथौरागढ़: भारी बारिश से कुलागाड़ पुल क्षतिग्रस्त, धारचूला-गूंजी मार्ग बाधित

गीता जोशी (संपादक)प्रकाशित: 19 अगस्त 2026 | 11:06 AMअपडेट: 19 अगस्त 2026 | 11:17 AM20

पिथौरागढ़: भारी बारिश से कुलागाड़ पुल क्षतिग्रस्त, धारचूला-गूंजी मार्ग बाधित

पिथौरागढ़, खबर… दिनांक 19 अगस्त 2026 को लगभग 02:00 से 03:00 बजे के मध्य भारी बारिश के कारण पिथौरागढ़ जिले में एक महत्वपूर्ण मोटरमार्ग पर आवागमन ठप हो गया। सीमा चौकी एलागाढ़ के कार्यक्षेत्र में स्थित कुलागाड़ मोटरेबल पुल, जो धारचूला-गूंजी मुख्य सड़क मार्ग का हिस्सा है, क्षतिग्रस्त होकर टूट गया है।

बारिश का प्रकोप और पुल का टूटना

घटना का मुख्य कारण भारी वर्षा को बताया जा रहा है। लगातार हुई मूसलाधार बारिश के चलते पहाड़ से अचानक बड़े-बड़े पत्थर (बोल्डर) नीचे आ गिरे। इन विशाल पत्थरों के पुल पर गिरने से पुल का ढांचा बुरी तरह प्रभावित हुआ और अंततः वह टूट गया। कुलागाड़ पुल का क्षतिग्रस्त होना धारचूला से गूंजी की ओर जाने वाले मुख्य मोटरमार्ग के लिए एक गंभीर बाधा बन गया है।

यातायात पर असर

पुल टूटने की इस घटना के परिणामस्वरूप, वर्तमान में धारचूला–गूंजी मोटरमार्ग पूरी तरह से बंद है। इस मार्ग का उपयोग करने वाले यात्रियों और स्थानीय निवासियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति पर भी इसका प्रभाव पड़ने की आशंका है, खासकर उन दूरस्थ क्षेत्रों के लिए जो इसी मार्ग पर निर्भर हैं।

 

प्रशासनिक कार्रवाई की उम्मीद

इस घटना के संबंध में संबंधित विभागों को सूचित कर दिया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही मरम्मत कार्य शुरू किया जाएगा ताकि मार्ग को पुनः यातायात के लिए खोला जा सके। पुल के निर्माण या अस्थायी व्यवस्था के बारे में विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है। स्थानीय प्रशासन स्थिति की समीक्षा कर रहा है और प्रभावित मार्ग पर वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार कर सकता है।

भौगोलिक स्थिति और महत्व

धारचूला-गूंजी मार्ग, विशेष रूप से कुलागाड़ पुल, कैलाश-मानसरोवर यात्रा के मार्ग में भी एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। यह क्षेत्र सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह भारत-तिब्बत सीमा के करीब स्थित है। भारी बारिश और भूस्खलन की घटनाएं इस पहाड़ी क्षेत्र में आम हैं, खासकर मानसून के मौसम में। हालांकि, कुलागाड़ पुल का इस तरह क्षतिग्रस्त होना एक गंभीर चिंता का विषय है।

आगे की कार्रवाई

पुल की मरम्मत के लिए आवश्यक संसाधनों और समय का अनुमान लगाया जा रहा है। विभाग द्वारा विस्तृत जांच के बाद ही मरम्मत योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। इस बीच, यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे वैकल्पिक मार्गों की जानकारी लें या यात्रा स्थगित करें, जब तक कि मार्ग सामान्य न हो जाए।

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