पिथौरागढ़

पिथौरागढ़: डीएम ने डीआईबीईआर संस्थान का किया निरीक्षण, किसानों को लाभ पहुंचाने पर जोर

गीता जोशी (संपादक)प्रकाशित: 31 जुलाई 2026 | 02:06 PM5

पिथौरागढ़: डीएम ने डीआईबीईआर संस्थान का किया निरीक्षण, किसानों को लाभ पहुंचाने पर जोर

पिथौरागढ़, 31 जुलाई 2026

जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने शुक्रवार को पांडा फार्म स्थित रक्षा जैव-ऊर्जा अनुसंधान संस्थान (Defence Institute of Bio-Energy Research-DIBER) का निरीक्षण किया। उन्होंने संस्थान में चल रही विभिन्न अनुसंधान गतिविधियों और कृषि नवाचारों की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान उन्होंने संस्थान में विकसित की गई उन्नत कृषि प्रजातियों, हर्बल औषधियों, आधुनिक तकनीकों और अनुसंधान कार्यों का अवलोकन किया तथा वैज्ञानिकों से विस्तार से चर्चा की।

किसानों तक पहुंचे अनुसंधान का लाभ

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि डीआईबीईआर द्वारा उच्च हिमालयी और सीमावर्ती क्षेत्रों की विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए किए जा रहे अनुसंधान अत्यंत उपयोगी हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संस्थान द्वारा विकसित उन्नत कृषि प्रजातियां, आधुनिक कृषि तकनीकें और अनुसंधान के परिणाम जनपद के किसानों और आम नागरिकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचने चाहिए। इससे स्थानीय कृषि को नई दिशा मिलेगी और किसानों की आय में वृद्धि संभव हो सकेगी।

समन्वय और संयुक्त कार्ययोजना पर निर्देश

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि डीआईबीईआर और विकास भवन के संबंधित विभागों के बीच निरंतर समन्वय स्थापित किया जाए। इसका उद्देश्य कृषि, उद्यान, आजीविका और ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यक्रमों में संस्थान की तकनीकी विशेषज्ञता का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना है। उन्होंने वैज्ञानिक अनुसंधान को खेतों तक पहुंचाने के लिए एक संयुक्त कार्ययोजना तैयार करने तथा किसानों के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण, प्रदर्शन और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।

जिला प्रशासन का सहयोग

जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन संस्थान को आवश्यकतानुसार हर संभव सहयोग प्रदान करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जिला प्रशासन और डीआईबीईआर के बीच बेहतर समन्वय से सीमांत जनपद के किसानों को आधुनिक और वैज्ञानिक खेती अपनाने का अवसर मिलेगा। इससे न केवल कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

डीआईबीईआर की भूमिका

संस्थान के विशेषज्ञ डॉ. संजय मोहन गुप्ता ने बताया कि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के अधीन संचालित डीआईबीईआर, उच्च ऊंचाई और सीमावर्ती क्षेत्रों में सैनिकों की ऊर्जा, पोषण और कृषि संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जैव-प्रौद्योगिकी और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अनुसंधान करता है। पिथौरागढ़ स्थित इसका फील्ड स्टेशन स्थानीय किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत फसल उत्पादन और नवाचार आधारित खेती के लिए तकनीकी सहयोग और प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराता है।

इस अवसर पर उपजिलाधिकारी सदर जितेंद्र वर्मा, संस्थान के अधिकारी मानवेंद्र सिंह बिष्ट सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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