नैनीताल

नमामि गंगे पखवाड़ा संपन्न: स्वच्छता, पर्यावरण और गांधी जयंती पर हुआ विशेष आयोजन

गीता जोशी (संपादक)प्रकाशित: 2 अक्टूबर 2026 | 12:42 PM18

नमामि गंगे पखवाड़ा संपन्न: स्वच्छता, पर्यावरण और गांधी जयंती पर हुआ विशेष आयोजन

नैनीताल, नमामि गंगे अभियान के तहत महाविद्यालय में आयोजित ‘स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा’ का समापन विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों, पुरस्कार वितरण और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती समारोह के साथ गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने स्वच्छता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए परिसर में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया।

महाविद्यालय परिसर में स्वच्छता अभियान

पखवाड़े के समापन समारोह के मुख्य आकर्षणों में से एक महाविद्यालय परिसर में चलाया गया विशेष स्वच्छता अभियान रहा। छात्राओं और विभिन्न वर्गों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर परिसर के विभिन्न क्षेत्रों की साफ-सफाई की। इस अभियान का उद्देश्य केवल परिसर को स्वच्छ बनाना ही नहीं था, बल्कि विद्यार्थियों में स्वच्छता को दैनिक जीवन की आदत और सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में विकसित करना भी था। विद्यार्थियों ने इस दौरान स्वच्छता के महत्व, व्यक्तिगत स्वच्छता, सार्वजनिक स्थलों की सफाई और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता प्राप्त की। उन्होंने अपने आसपास के लोगों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।

पुरस्कार वितरण और प्राचार्य का संबोधन

पूरे पखवाड़े के दौरान, महाविद्यालय ने विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम, प्रतियोगिताएं और रचनात्मक गतिविधियां आयोजित कीं, जिनमें छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इन आयोजनों में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक जिम्मेदारी और नमामि गंगे अभियान जैसे विषयों पर विद्यार्थियों ने अपने विचार और प्रतिभा का प्रदर्शन किया। समापन समारोह में, पखवाड़े के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत और सम्मानित किया गया। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. देवकी गिरी गोस्वामी ने विजेता और प्रतिभागी छात्राओं को पुरस्कार वितरित किए और उनके प्रयासों की सराहना की। प्राचार्य ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छता किसी विशेष अभियान या दिवस तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे जीवन का एक स्थायी हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने परिवार, समाज और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने और नमामि गंगे अभियान के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया।

कार्यक्रम के कुशल संचालन में योगदान

नमामि गंगे के नोडल अधिकारी डॉ. दिनेश जोशी ने पूरे पखवाड़े के कार्यक्रम के सफल आयोजन और संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने विभिन्न गतिविधियों के समन्वय, स्वच्छता अभियान और समापन समारोह को सुव्यवस्थित तरीके से संचालित किया। डॉ. जोशी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए स्वच्छता को बाहरी सफाई से परे व्यक्तिगत अनुशासन, सामाजिक उत्तरदायित्व और पर्यावरणीय चेतना से जोड़ने की बात कही। उन्होंने बताया कि नमामि गंगे अभियान का मूल उद्देश्य नदियों और जलस्रोतों की स्वच्छता के साथ-साथ समाज में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की स्थायी संस्कृति का विकास करना है। कार्यक्रम में डॉ. मंजरी जोशी और डॉ. गौरव कुमार ने भी विद्यार्थियों को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करने में सक्रिय सहयोग दिया।

महात्मा गांधी जयंती का विशेष आयोजन

इस अवसर पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती को भी श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। महात्मा गांधी के स्वच्छता संबंधी विचारों और ‘स्वच्छ भारत’ के उनके संदेश को विद्यार्थियों के समक्ष प्रस्तुत किया गया। गांधीजी के जीवन और स्वच्छता के प्रति उनके दृष्टिकोण को याद करते हुए, विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि स्वच्छता प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। कार्यक्रम के अंत में, वातावरण को आध्यात्मिक और सकारात्मक बनाने के लिए संध्या भजन-कीर्तन का भी आयोजन किया गया, जिसमें महात्मा गांधी के प्रिय भजनों और उनके आदर्शों का स्मरण किया गया।

समग्र उद्देश्य और भविष्य की प्रेरणा

नमामि गंगे–स्वच्छता ही सेवा पखवाड़े का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, नागरिक जिम्मेदारी और सामाजिक सहभागिता की भावना को जागृत करना रहा। प्रतियोगिताओं और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से उन्हें अभियान से रचनात्मक रूप से जोड़ा गया। समापन पर यह संदेश दिया गया कि स्वच्छता एक निरंतर चलने वाली सामाजिक प्रक्रिया है और प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी एक स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण परिवर्तन ला सकती है। पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों और सभी विद्यार्थियों को भविष्य में भी सामाजिक एवं पर्यावरणीय अभियानों में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया गया।

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