चंपावत

उत्तराखंड कैबिनेट के महत्वपूर्ण निर्णय: नई योजनाएं और पुराने अधिनियमों को निरस्त करने की मंजूरी

गीता जोशी (संपादक)प्रकाशित: 4 अक्टूबर 2026 | 06:42 PM12

उत्तराखंड कैबिनेट के महत्वपूर्ण निर्णय: नई योजनाएं और पुराने अधिनियमों को निरस्त करने की मंजूरी

चंपावत, उत्तराखंड मंत्रिमंडल ने विभिन्न विभागों में महत्वपूर्ण सुधारों और नई पहलों को हरी झंडी दिखाई है। सतर्कता अधिष्ठान के ढांचे का पुनर्गठन, निवेश संवर्धन के लिए महत्वपूर्ण अधिनियम में संशोधन, और पुराने सिंचाई अधिनियम को निरस्त कर नया विधेयक लाने जैसे अहम फैसले लिए गए हैं। साथ ही, किसानों और छात्रों के लिए भी कई लाभकारी योजनाओं को मंजूरी दी गई है।

सतर्कता अधिष्ठान का पुनर्गठन

मंत्रिमंडल ने सतर्कता अधिष्ठान, उत्तराखण्ड के ढांचे के पुनर्गठन को मंजूरी दी है। इस पुनर्गठन के तहत कुल 11 पदों को समाप्त किया जाएगा, जिनमें 08 आरक्षी ना.पु., 01 आरक्षी डाक रनर और 02 आरक्षी चालक शामिल हैं। इसके समानांतर, मुख्य आरक्षी ना.पु. के 05 पदों को बढ़ाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, अपर उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस के 03, मुख्य आरक्षी डाक रनर के 01, मुख्य आरक्षी चालक के 01 और अपर उपनिरीक्षक चालक के 01 नवीन पद सृजित किए जाएंगे, जिससे कुल 06 नए पद सृजित होंगे।

निवेश और आधारिक संरचना अधिनियम में संशोधन

नियोजन विभाग के अंतर्गत, उत्तराखण्ड निवेश और आधारिक संरचना (विकास और विनियम) अधिनियम की धारा 49 के तहत अनुसूची-3 में संशोधन प्रस्ताव को मंत्रिमण्डल ने अनुमोदन प्रदान किया है। इस संशोधन के अनुसार, सार्वजनिक अभिकरणों की संपत्तियों के विनिवेश या मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत हिस्सा संबंधित सार्वजनिक अभिकरणों को दिया जाएगा।

सिंचाई अधिनियम निरस्त, नया विधेयक विधानसभा में

उत्तरी भारत नहर एवं जल निकास अधिनियम, 1873, जो वर्तमान परिस्थितियों में अप्रासंगिक या अपर्याप्त हो चुका था, को निरस्त कर दिया गया है। इसके स्थान पर, राज्य की विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप उत्तराखण्ड सिंचाई एवं जल निकासी विधेयक, 2026 को विधानसभा के पटल पर रखे जाने की मंजूरी दी गई है।

कुक्कुट आहार सब्सिडी और पशुपालन विभाग में सुधार

कुक्कुट आहार सब्सिडी योजना के लाभार्थियों को अब आधार सीडेड/लिंक्ड बैंक खातों के माध्यम से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) द्वारा सब्सिडी का भुगतान किया जाएगा, जो वर्तमान सीबीडीसी/ई-रूपी आधारित व्यवस्था की जगह लेगा। इसके अलावा, पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य पालन विभागों में बेहतर समन्वय, पर्यवेक्षण और प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए महानिदेशक का एक नया पद सृजित किया गया है। इससे योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और अनुश्रवण में सहायता मिलेगी।

मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना

उच्च शिक्षा के विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता और उद्यमिता बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना, 2026 का संचालन किया जाएगा। इस योजना का लाभ राज्य के राजकीय एवं निजी विश्वविद्यालयों तथा संबद्ध महाविद्यालयों में अध्ययनरत लगभग 1.19 लाख विद्यार्थियों को मिलेगा। इस योजना पर पांच वर्षों में लगभग ₹200 करोड़ व्यय किए जाने का अनुमान है।

निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के मानकों में संशोधन

राज्य में निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना हेतु निर्धारित नीति एवं मानकों में संशोधन को मंजूरी दी गई है। संशोधित व्यवस्था के तहत, पर्वतीय क्षेत्रों में न्यूनतम 2,500 वर्गमीटर और मैदानी क्षेत्रों में न्यूनतम 20,000 वर्गमीटर निर्मित क्षेत्र की आवश्यकता होगी। साथ ही, निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के प्रस्तावों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए पृथक मूल्यांकन मानक निर्धारित किए जाएंगे।

उप निबंधक कार्यालय की स्थापना और अन्य निर्णय

टिहरी जनपद की तहसील नरेन्द्रनगर में उप निबंधक कार्यालय की स्थापना को भी मंजूरी मिली है। इस कार्यालय के क्षेत्राधिकार में तहसील नरेन्द्रनगर के 98 और उप तहसील पावकी देवी के 35, कुल 133 राजस्व ग्राम शामिल होंगे, जिससे स्थानीय जनता को पंजीकरण संबंधी सेवाएं स्थानीय स्तर पर मिल सकेंगी। मंत्रिमंडल ने सौन्दर्याकरण उपशाखा को निक्षेपित करने तथा उत्तराखण्ड (उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था नियमावली, 1952) में संशोधन को भी मंजूरी दी है। इसके अतिरिक्त, वैक्टर जनित रोग नियंत्रण सेवा में नियुक्त कार्मिकों की भर्ती एवं सेवा शर्तों को विनियमित करने के लिए उत्तराखण्ड वैक्टर जनित रोग नियंत्रण सेवा नियमावली, 2026 को भी मंजूरी दी गई है। राजकीय मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजिडेन्ट, जूनियर रेजिडेन्ट एवं डेमोन्स्ट्रेटर की कमी को देखते हुए, इन पदों पर तैनात कार्मिकों के देय वेतन/मानदेय के पुनर्निर्धारण को भी मंजूरी प्रदान की गई है।

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