वन विभाग द्वारा मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए व्यापक प्रयास जारी, ड्रोन और कैमरा ट्रैप का इस्तेमाल
गीता जोशी (संपादक)प्रकाशित: 12 अगस्त 2026 | 06:08 PM5

अल्मोड़ा, वन विभाग मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए अल्मोड़ा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार प्रयास कर रहा है। उप प्रभागीय वनाधिकारी रानीखेत द्वारा गठित टीमें मोहान वन क्षेत्र के ग्राम सभा डबरा सौराल, ग्राम सभा तड़म एवं काठ की नाव क्षेत्र में कैंप कर वन्यजीवों को सुरक्षित निकालने और क्षेत्र में गश्त व निगरानी का कार्य कर रही हैं। इसके साथ ही, विभाग द्वारा प्रचार-प्रसार और जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं।
क्षेत्र में सुरक्षा उपाय और निगरानी
वन विभाग द्वारा ग्राम सभा डबरा सौराल व ग्राम सभा सौराल के रास्तों व पथमार्गों पर झाड़ी कटान करवाया जा रहा है, ताकि वन्यजीवों की आवाजाही को नियंत्रित किया जा सके और मानव आबादी वाले क्षेत्रों में उनके प्रवेश को कम किया जा सके। मोहान वन क्षेत्राधिकारी के नेतृत्व में एक टीम ने ग्रामीणों से सीधी वार्ता कर उन्हें वन्यजीवों से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया। विशेष रूप से, वन विभाग की निगरानी में स्कूली विद्यार्थियों को सुरक्षित रूप से उनके स्कूलों तक पहुंचाया गया।
संवेदनशील क्षेत्रों में वन्यजीवों के पगमार्ग और अन्य गतिविधियों की पहचान के लिए विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए विभाग द्वारा 06 एनाइडर, 07 फाक्स लाइट, राइफल और गांधी बंदूक जैसे सुरक्षा उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है। बाघों को रेस्क्यू करने के उद्देश्य से क्षेत्र में 07 पिंजरे लगाए गए हैं। बाघों की गतिविधियों को ट्रैक करने के लिए 02 ड्रोन का प्रयोग किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र में 02 लाइव कैमरा और 33 कैमरा ट्रैप सहित अन्य उपकरण स्थापित किए गए हैं। गश्ती दल इन उपकरणों की नियमित जांच कर रहा है और वन्यजीवों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रहा है।
जागरूकता और विशेषज्ञ सहयोग
वन्यजीवों को रेस्क्यू करने के लिए उनकी गतिविधियों पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है। गांवों में पोस्टर और लाउडस्पीकर के माध्यम से जागरूकता फैलाई जा रही है, और जन जागरूकता गोष्ठियों का आयोजन किया जा रहा है। रेस्क्यू कार्यों में कॉर्बेट की विशेषज्ञ टीम का भी सहयोग लिया जा रहा है, जो वन्यजीवों को सुरक्षित निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। डॉक्टर टीम भी रेस्क्यू टीम के साथ मिलकर बाघों को बचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
विभिन्न वन प्रभागों का सहयोग
गश्त, निगरानी, जागरूकता और प्रचार-प्रसार के प्रयासों में विभिन्न वन प्रभागों की टीमें सक्रिय रूप से सहयोग कर रही हैं। रामनगर वन प्रभाग, कालागढ़ टाइगर रिजर्व की टीम, और अल्मोड़ा वन प्रभाग की रानीखेत रेंज, जौरासी रेंज, द्वाराहाट रेंज, तथा अल्मोड़ा रेंज की टीमें क्षेत्र में कैंप लगाकर इन प्रयासों को सफल बनाने में जुटी हुई हैं। इन संयुक्त प्रयासों का उद्देश्य मानव-वन्यजीव संघर्ष को प्रभावी ढंग से रोकना और क्षेत्र में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
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