चंपावत

मुख्यमंत्री के निर्देश पर अपर सचिव ने किया चंपावत का चार दिवसीय भ्रमण, जनसंवाद और विकास कार्यों का निरीक्षण

गीता जोशी (संपादक)प्रकाशित: 25 सितंबर 2026 | 08:50 PM16

मुख्यमंत्री के निर्देश पर अपर सचिव ने किया चंपावत का चार दिवसीय भ्रमण, जनसंवाद और विकास कार्यों का निरीक्षण

चंपावत, मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार, अपर सचिव श्री मनमोहन मैनाली ने 21 से 24 सितंबर 2026 तक चंपावत जनपद के बनबसा, टनकपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों का चार दिवसीय भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने विकास कार्यों और जनसुविधाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लिया, तथा स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, विभिन्न संगठनों और दूरस्थ क्षेत्रों के ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं एवं सुझावों को जाना।

क्षेत्रीय भ्रमण एवं जनसंवाद

दिनांक 21 सितंबर को नगर पंचायत बनबसा के साथ देवीपुरा, बेलबंदगोठ, गुदमी एवं कैनाल क्षेत्र का भ्रमण किया गया। स्थानीय नागरिकों द्वारा सड़क, पेयजल, विद्युत, स्वच्छता एवं जल निकासी से संबंधित समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। अपर सचिव श्री मैनाली ने संबंधित अधिकारियों को इन समस्याओं के प्राथमिकता एवं समयबद्ध समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने राजकीय प्राथमिक विद्यालयों देवीपुरा, बेलबंदगोठ एवं कैनाल का निरीक्षण कर शैक्षणिक एवं भौतिक व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया।

22 सितंबर को टनकपुर नगर पालिका, राजकीय प्राथमिक विद्यालय चंदनी एवं उप जिला चिकित्सालय टनकपुर का निरीक्षण किया गया। चिकित्सालय में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं और मरीजों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली गई और व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी एवं जनोपयोगी बनाने हेतु निर्देश दिए गए। इसके पश्चात, मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय, टनकपुर में स्टाफ के साथ बैठक की गई तथा आम नागरिकों एवं फरियादियों से सीधे संवाद कर उनकी शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए गए। इस दौरान सुश्री तुलसी कुंवर, श्री अमजद हुसैन, श्री मुकेश जोशी, श्री हरीश भट्ट, श्री मुकेश साहू एवं श्री निगम गुप्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय गणमान्य नागरिकों से भेंटवार्ता कर क्षेत्रीय विकास एवं जनहित से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई।

23 सितंबर को राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बस्तिया में एनडीआरएफ द्वारा आयोजित आपदा प्रबंधन एवं सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम में प्रतिभाग किया गया। विद्यार्थियों को आपदा की स्थिति में सतर्कता बरतने, सुरक्षा उपायों को अपनाने तथा किसी भी आपात स्थिति में सजग एवं जिम्मेदार रहने के लिए प्रेरित किया गया। विद्यालय की शैक्षणिक एवं भौतिक व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया गया। इसके पश्चात, जिला सैनिक कल्याण बोर्ड, चंपावत में जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल उमेद सिंह दिगारी से भेंटवार्ता कर सैनिक कल्याण एवं पूर्व सैनिकों से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। जनपद के दूरस्थ क्षेत्रों के ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं एवं आवश्यकताएं जानी गईं। मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय, चंपावत में विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। उत्तराखंड फेडरेशन ऑफ मिनिस्ट्रियल सर्विसेज एसोसिएशन की 12 सूत्रीय मांगों पर भी चर्चा हुई। ग्राम सभा रेगडू के ग्रामीणों एवं दशहरा महोत्सव समिति रेगडू, बाराकोट के सदस्यों से भेंटवार्ता कर क्षेत्रीय विकास एवं स्थानीय आवश्यकताओं पर संवाद किया गया।

डिजिटल शिक्षा का शुभारंभ

24 सितंबर को माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने फीता काटकर जनपद चम्पावत के छह सरस्वती शिशु एवं विद्या मंदिर विद्यालयों में डिजिटल लर्निंग सेट की सुविधा का शुभारंभ किया। यह पहल डिजिटल शिक्षा के विजन को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

सीएसआर पहल के अंतर्गत विद्यालयों को कंप्यूटर, प्रिंटर, यूपीएस एवं 65 इंच इंटरैक्टिव पैनल सहित आधुनिक डिजिटल शिक्षण उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। इससे विद्यार्थियों को तकनीक आधारित, रोचक एवं संवादात्मक शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। यह सुविधा सरस्वती शिशु मंदिर पुलहिंडोला, मादली, खेतीखान, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज पाटी, शहीद उत्तम चंद सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज चंदनी तथा विवेकानंद उच्चतर माध्यमिक विद्या मंदिर बाराकोट में उपलब्ध कराई गई है।

निर्देश एवं अपेक्षाएं

चार दिवसीय भ्रमण के दौरान, श्री मैनाली ने आमजन को राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी एवं विकासपरक योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ने और समयबद्ध लाभ उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पेयजल, विद्युत, रोजगार एवं स्वरोजगार, महिला सशक्तिकरण तथा सीमांत एवं दूरस्थ क्षेत्रों के विकास से संबंधित योजनाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से विकास कार्यों की समीक्षा कर यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि दूरस्थ एवं सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं एवं विकास का लाभ पहुंचे तथा जनसमस्याओं का प्रभावी एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने जनसरोकारों के प्रति संवेदनशील रहते हुए विभागीय अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करने पर बल दिया।

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