बागेश्वर

बागेश्वर में ट्राउट मत्स्य पालन बना स्वरोजगार का जरिया, ग्रामीण युवाओं को मिल रहे बेहतर आय के अवसर

गीता जोशी (संपादक)प्रकाशित: 15 सितंबर 2026 | 12:44 PM19

बागेश्वर में ट्राउट मत्स्य पालन बना स्वरोजगार का जरिया, ग्रामीण युवाओं को मिल रहे बेहतर आय के अवसर

बागेश्वर, 15 सितंबर 2026

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जनपद बागेश्वर में ट्राउट मत्स्य पालन ग्रामीण युवाओं के लिए स्वरोजगार और बेहतर आय का प्रभावी माध्यम बन रहा है। विभागीय योजनाओं, तकनीकी सहयोग और स्थानीय जल संसाधनों के प्रभावी उपयोग से मत्स्य पालक अपनी आजीविका को मजबूत कर रहे हैं और साथ ही अन्य लोगों को भी रोजगार से जोड़ रहे हैं। इससे स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है और रिवर्स पलायन की सकारात्मक तस्वीर सामने आ रही है।

चन्द्रशेखर का सफल उद्यमिता का उदाहरण

विकासखंड बागेश्वर के ग्राम सानिउडियार निवासी चन्द्रशेखर इसका एक प्रमुख उदाहरण हैं। वर्ष 2016 में होटल मैनेजमेंट का कोर्स पूरा करने के बाद, उन्होंने दिल्ली के एक होटल में कुक के तौर पर काम किया। वर्ष 2019 में, उन्होंने नौकरी छोड़कर अपने गांव लौटने का निर्णय लिया और मत्स्य पालन को स्वरोजगार के रूप में अपनाया। वर्ष 2021-22 में विभाग से मोबाइल फिश वैन प्राप्त होने के बाद, उन्होंने ट्राउट से तैयार व्यंजनों की बिक्री शुरू की। वर्तमान में, उन्हें प्रतिमाह लगभग 55 से 60 हजार रुपये की आय हो रही है। इसके अतिरिक्त, उनके माध्यम से दो अन्य व्यक्तियों को भी रोजगार मिला है।

चन्दन सिंह का दीर्घकालिक अनुभव

इसी प्रकार, कपकोट विकासखंड के ग्राम जगथाना निवासी चन्दन सिंह पिछले 10 वर्षों से ट्राउट मत्स्य उत्पादन से जुड़े हुए हैं। वर्तमान में, वे प्रतिवर्ष लगभग 35 कुंतल ट्राउट का उत्पादन कर रहे हैं और करीब 30 लोगों को रोजगार प्रदान कर रहे हैं। उनके उत्पाद की मांग आईटीबीपी, एसएसबी के साथ-साथ विभिन्न होटलों और रेस्टोरेंट में बनी हुई है।

प्राथमिक मत्स्य जीव सहकारी समिति की प्रगति

ग्राम लीती में गठित प्राथमिक मत्स्य जीव सहकारी समिति में 15 सदस्य मत्स्य पालन के कार्य में सक्रिय रूप से लगे हुए हैं। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत, समिति के लिए 10 रेसवे का निर्माण किया गया है। समिति ने मार्च 2026 तक लगभग 16 कुंतल ट्राउट का उत्पादन किया, जिससे करीब 8 लाख रुपये की आय अर्जित हुई है।

स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती

ट्राउट मत्स्य पालन से जुड़े ये प्रयास, बागेश्वर में स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों को आजीविका के अवसरों में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इस पहल से युवाओं को अपने गांव में ही रोजगार और आय के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। इससे न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है, बल्कि आत्मनिर्भरता और रिवर्स पलायन को भी बढ़ावा मिल रहा है।

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