पिथौरागढ़

पिथौरागढ़ में जनगणना द्वितीय चरण का प्रशिक्षण शुरू, 16 नवंबर से स्वतः गणना

गीता जोशी (संपादक)प्रकाशित: 22 सितंबर 2026 | 05:38 PM5

पिथौरागढ़ में जनगणना द्वितीय चरण का प्रशिक्षण शुरू, 16 नवंबर से स्वतः गणना

पिथौरागढ़, 22 सितंबर, 2026

जिलाधिकारी श्री आशीष भटगांई ने आज जनगणना के द्वितीय चरण के लिए आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण में कुल 80 प्रशिक्षु भाग ले रहे हैं। इनमें 17 चार्ज जनगणना अधिकारी, टेक्निकल असिस्टेंट और अन्य संबंधित कार्मिक शामिल हैं। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जनगणना निदेशालय, देहरादून से आए मास्टर ट्रेनर्स अनुपम आर्य, अरविंद कुमार सिंह और बालम सिंह दानू द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जो प्रतिभागियों को जनगणना के विभिन्न चरणों, प्रक्रियाओं और तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी प्रदान कर रहे हैं।

जनगणना का महत्व और नीति निर्माण में भूमिका

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने सभी प्रशिक्षुओं को शुभकामनाएं देते हुए जनगणना के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जनगणना देश की नीति निर्माण प्रक्रिया में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील कार्य है, जिसे पूरी गंभीरता, सावधानी और जिम्मेदारी के साथ संपादित किया जाना आवश्यक है। जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर भविष्य की योजनाओं और नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण सहायता मिलती है, जिससे विकास कार्यों को सही दिशा दी जा सके।

प्रशिक्षुओं के लिए निर्देश

जिलाधिकारी ने सभी प्रशिक्षुओं को निर्देश दिए कि वे प्रशिक्षण के दौरान जनगणना से संबंधित अपनी सभी जिज्ञासाओं और प्रश्नों का समाधान अवश्य कर लें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि फील्ड में जाने से पहले सभी कार्मिकों को प्रक्रिया और तकनीकी पहलुओं के संबंध में पूर्ण स्पष्टता होनी चाहिए, ताकि जनगणना कार्य के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जनगणना कार्य को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए और प्रत्येक स्तर पर शुद्धता, गोपनीयता एवं पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, इसलिए सभी कार्मिक अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करें।

जनगणना द्वितीय चरण की तिथियां और प्रक्रिया

जनगणना के द्वितीय चरण के अंतर्गत 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक सेल्फ एनुमरेशन (स्वतः गणना) की सुविधा नागरिकों के लिए उपलब्ध रहेगी। इस अवधि में नागरिक स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन या अन्य उपलब्ध माध्यमों से दर्ज करा सकेंगे। इसके पश्चात, 1 जनवरी से 4 जनवरी 2027 तक प्रगणक (Enumerator) घर-घर जाकर जनगणना संबंधी जानकारी प्राप्त करेंगे। जनगणना की निर्धारित प्रक्रिया को 5 जनवरी 2027 की मध्यरात्रि तक पूर्ण किया जाना है।

प्रश्नों की संख्या और गोपनीयता

द्वितीय चरण की जनगणना के दौरान प्रत्येक परिवार से लगभग 40 प्रश्न पूछे जाएंगे। इन प्रश्नों के माध्यम से देश की जनसंख्या, सामाजिक-आर्थिक स्थिति और अन्य महत्वपूर्ण आंकड़ों को एकत्र किया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि नागरिकों द्वारा उपलब्ध कराई गई जनगणना संबंधी जानकारी को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार गोपनीय रखा जाएगा और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए ही किया जाएगा।

सेल्फ एनुमरेशन के लाभ

अपर जिलाधिकारी श्री योगेंद्र सिंह ने बताया कि जिन नागरिकों द्वारा निर्धारित अवधि में सेल्फ एनुमरेशन पूरा कर लिया जाएगा, उन्हें घर-घर पहुंचने वाले प्रगणकों को संबंधित जानकारी उपलब्ध करानी होगी। इससे प्रगणकों का समय बचेगा तथा जनगणना कार्य को निर्धारित समय-सीमा में सुचारू रूप से पूरा करने में सुविधा होगी। यह प्रक्रिया जनगणना कार्य को अधिक कुशल और प्रभावी बनाएगी।

प्रशिक्षण में उपस्थिति

प्रशिक्षण कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी श्री योगेंद्र सिंह, समस्त तहसीलदार, सहायक नगर आयुक्त नगर निगम पिथौरागढ़, समस्त अधिशासी अधिकारी नगर निकाय एवं खंड विकास अधिकारी उपस्थित रहे। इन सभी अधिकारियों ने प्रशिक्षण के महत्व को समझा और जनगणना कार्य को सफल बनाने के लिए अपने-अपने क्षेत्रों में सहयोग करने का आश्वासन दिया।

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